यूपी के ITI-पॉलिटेक्निक में जल्द भरेंगे अनुदेशकों के 40 पद, भर्ती तक रिटायर्ड शिक्षकों से चलेगी पढ़ाई

 

 

UP News: उत्तर प्रदेश में युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के लिए योगी सरकार ने राजकीय आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में खाली पड़े अनुदेशक पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थायी भर्ती पूरी होने तक संस्थानों में पढ़ाई और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं लेने की व्यवस्था की जा रही है।

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि रिक्त पदों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में बाधित न हो। सरकार का जोर तकनीकी संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर है।

लखनऊ समेत चार जिलों में 40 पद खाली

वर्तमान में लखनऊ के राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलिटेक्निक, मोहन रोड में अनुदेशक के सात पद रिक्त हैं। वहीं राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बख्शी का तालाब में 23 पद खाली बताए गए हैं।

इसके अलावा गोरखपुर के राजकीय आईटीआई/पॉलिटेक्निक में नौ और प्रतापगढ़ में एक पद रिक्त है। इस तरह चार जिलों के इन संस्थानों में कुल 40 अनुदेशक पदों पर नियुक्ति की आवश्यकता है।

सरकार की ओर से इन पदों पर योग्य अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

भर्ती तक रिटायर्ड शिक्षकों की मदद से चलेगी पढ़ाई

स्थायी नियुक्ति होने तक विद्यार्थियों की कक्षाएं और प्रैक्टिकल प्रभावित न हों, इसके लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों को अनुदेशक के रूप में लगाने का विकल्प अपनाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षण व्यवस्था में आने वाली संभावित बाधा को दूर किया जा सकेगा और विद्यार्थियों को नियमित प्रशिक्षण मिलता रहेगा।

रोजगार के हिसाब से तैयार होंगे युवा

सरकार आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रशिक्षण को अधिक रोजगारपरक बनाने पर भी जोर दे रही है। तकनीकी संस्थानों में पर्याप्त अनुदेशक होने से विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक कक्षाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों की बेहतर जानकारी मिल सकेगी।

राज्य मंत्री असीम अरुण ने कहा कि युवाओं का कौशल विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में है। अनुदेशकों की नियुक्ति से संस्थानों की शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत होगी और विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।

सरकार के इस कदम से एक ओर जहां रिक्त अनुदेशक पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर भर्ती पूरी होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए विद्यार्थियों की पढ़ाई और तकनीकी प्रशिक्षण को लगातार जारी रखने की कोशिश की जा रही है।