बेसुध परिजन, 10 साल की बेटी...दुबई के एयर शो में हवाई करतब दिखाने गए विंग कमांडर नमंश को क्या पता था ये शो उनका और उनके परिवार के लिए बन जायेगा काल

Jharkhand Desk: नमंश के चाचा जोगिंदरनाथ स्याल ने पीटीआई को बताया कि विंग कमांडर का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह करीब 9:00 बजे तमिलनाडु में कोयंबटूर के पास सुलूर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा, जहां से रविवार को कांगड़ा के गग्गल एयरपोर्ट ले जाया जाएगा. जोगिंदरनाथ को क्रैश के बारे में शुक्रवार दोपहर को पता चला, जब नमांश के पिता, जो उस समय घर पर नहीं थे...
 

Jharkhand Desk: भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का लड़ाकू विमान तेजस दुबई के एयर शो में हवाई करतब दिखाने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट नमंश स्याल की मौत हो गई. विंग कमांडर नमन कांगड़ा जिले के नगरोटा बंगवा के पटियालकड़ गांव (वार्ड नंबर सात)  के रहने वाले थे. उनकी पत्नी अफसाना भी वायुसेना में पायलट हैं। उनकी 10 साल की बेटी है. नमंश स्याल की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जाएगा. पायलट की माैत से पैतृक गांव में शोक की लहर दाैड़ गई है. परिजन बेसुध हैं. 

नमंश स्याल (37) पुत्र जगन्नाथ वर्तमान में कोयंबटूर में तैनात थे. छह दिन से दुबई में आयोजित एक एयर शो में भाग ले रहे थे. इस दुखद समाचार से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है. नमंश स्याल के पिता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जगन्नाथ ने बताया कि नमंश भारतीय वायुसेना में गत 16 साल से अपने सेवाएं दे रहे थे. मौजूदा समय में वह कोयंबटूर में सेवारत थे.

उन्होंने बताया कि नमंश की पत्नी भी भारतीय वायु सेना में कार्यरत हैं और बतौर ग्राउंड ऑफिसर सेवाएं दे रही हैं. पिता ने बताया कि नमंश गत 6 दिन से दुबई में एयर शो में भाग ले रहे थे और शुक्रवार को शो का अंतिम दिन था. उन्होंने बताया कि दुबई में औपचारिकताएं पूरी करके नमंश की पार्थिव देह  रविवार को पहुंचने की संभावना है.

उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जाएगा. इस दुर्घटना की खबर मिलते ही उनके घर में शोक की लहर फैल गई और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है. नमंश स्याल की 10 साल की एक बेटी है. नमंश की पार्थिव देह औपचारिकताओं के बाद कांगड़ा स्थित उनके घर पहुंचने की संभावना है. पटियालकर गांव के रहने वाले और पड़ोसी लेखराज ने कहा कि नमंश हमारे गांव का बेटा था. वह एक बहुत अच्छी पोस्ट पर विंग कमांडर था. उनकी माैत से पूरा गांव दुखी है. पटियालकर गांव के पूर्व प्रधान, शशि धीमान ने कहा कि उनका पार्थिव शरीर शाम तक चेन्नई पहुंचेगा. अंतिम संस्कार पटियालकर गांव में होगा.

उधर, वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के गठन का आदेश दिया है. दुबई एयर शो के आखिरी दिन शुक्रवार को यह हादसा स्थानीय समय के मुताबिक, दोपहर बाद 2:10 बजे हुआ. दुर्घटना के बाद हवाई अड्डे के ऊपर काले धुएं का गुबार उठता दिखा. परिवार के साथ एयर शो देखने पहुंचे जिग्नेश वारिया ने बताया कि युद्धक विमान ने करीब आठ-नौ मिनट उड़ान भरी थी. उसने दो-तीन चक्कर लगाए, तभी हादसा हो गया. तेजस उस दौरान कम ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था. देखते ही देखते वह आग के गोले में तब्दील हो गया. दुबई एयर शो में तेजस विमान एरोवै डिस्प्ले के दौरान गोता लगाते हुए जब आने लगा, तो दर्शक हतप्रभ रह गए. विमान गिरता देख लोगों में अफरा-तफरी मच गई. हादसे के करीब दो घंटे बाद एयर शो फिर से शुरू किया गया.

नमंश के चाचा जोगिंदरनाथ स्याल ने पीटीआई को बताया कि विंग कमांडर का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह करीब 9:00 बजे तमिलनाडु में कोयंबटूर के पास सुलूर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा, जहां से रविवार को कांगड़ा के गग्गल एयरपोर्ट ले जाया जाएगा. जोगिंदरनाथ को क्रैश के बारे में शुक्रवार दोपहर को पता चला, जब नमांश के पिता, जो उस समय घर पर नहीं थे, ने उन्हें फोन करके पूछा कि क्या उनके पास इस घटना के बारे में कोई जानकारी है. इसके बाद पत्नी अपने किराएदार के पास गई, जो कतर में काम करता है और छुट्टी पर गांव आया था. इंटरनेट पर न्यूज देखने के बाद, उसने कन्फर्म किया कि क्रैश हुआ जेट नमांश ही उड़ा रहा था. 

नमंश की 2014 में शादी हुई थी. वहीं हमीरपुर जिले के सुजानपुर टिहरा सैनिक स्कूल में भी एक जाने-माने पुराने स्टूडेंट की दुखद मौत पर शोक है. शनिवार को स्कूल में एक खास प्रार्थना सभा हुई, जिसमें प्रिंसिपल रचना जोशी और दूसरे टीचरों ने अपने पुराने स्टूडेंट को याद किया. स्टाफ मेंबर राकेश राणा ने कहा कि नमंश चिनाब हाउस का कैप्टन था, जो एक बहुत अच्छा एथलीट भी था. उन्हें नमंश का रोल नंबर(1906) भी याद आया, जो 2005 में पास हुए स्कूल के 21वें बैच का हिस्सा था. स्कूल के कई पुराने स्टूडेंट्स ने भी अपने पुराने स्कूलमेट को याद करते हुए फोटो और मैसेज शेयर किए. सैनिक स्कूल सुजानपुर ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के पूर्व प्रेसिडेंट पंकज चड्ढा ने कहा कि नमंश ने देश का नाम रोशन किया और उसकी शहादत हमेशा याद की जाएगी.