जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए अभिषेक बनर्जी, बंगाल की राजनीति में फिर बढ़ा सियासी तापमान
Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee निर्धारित तारीख पर पश्चिम बंगाल सीआईडी के सामने पेश नहीं हुए. कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच कर रही सीआईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था और इसके लिए करीब 20 सवालों की सूची भी तैयार की गई थी. हालांकि, अभिषेक बनर्जी के अनुपस्थित रहने के कारण पूछताछ नहीं हो सकी.
अभिषेक बनर्जी को सोमवार दोपहर 12 बजे तलब किया गया था. इस मामले में बंगाल पुलिस ने पहले ही पांच सदस्यीय विशेष टीम का गठन कर रखा है. टीम के सदस्य दो बार अभिषेक से मिलने उनके घर गये, लेकिन दोनों बार उनकी अभिषेक से मुलाकात नहीं हुई. सीआईडी ने सोमवार को उन्हें तलब कर रखा है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक वो सीआईडी दफ्तार नहीं पहुंचे थे. स्वास्थ्य कारणों से उनका आज यहां आना संभव नहीं लग रहा है.
तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षर मामले में सीआईडी को अभिषेक बनर्जी से जानने समझने के लिए बहुत कुछ है. सीआईडी के पास कई सवाल है. बंगाल पुलिस के एक विशेष सूत्र के अनुसार, सीआईडी ने 20 सवालों की एक सूची तैयार की है. सवालों की यह सूची अभिषेक को दी जाएगी. डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी से एसआईटी के डीएसपी रैंक के अधिकारी को पूछताछ करनी है. सोमवार दोपहर एक बजे तक 20 साल अभिषेक के उत्तर का इंतजार करते दिखे.
संभावित सवाल
1) तृणमूल में आपका क्या पद है?
2) आपको कौन-कौन सी जिम्मेदारियां निभानी होंगी?
3) विपक्षी नेता के चुनाव में आपकी क्या भूमिका थी?
4) आपकी पार्टी ने किन मुद्दों के आधार पर विपक्ष के नेता और संसदीय दल के नेता का चुनाव किया?
5) विपक्ष के नेता का चयन करने से पहले क्या कोई बैठक हुई थी? आपकी पार्टी ने कितनी बैठकें की हैं?
6) क्या आप बैठक में उपस्थित थे?
7) आपने उस बैठक में क्या कहा?
8) पार्टी अध्यक्ष का बयान क्या था?
9) विपक्ष के नेता, उपनेता और मुखश्चेतक के चुनाव में अध्यक्ष की क्या भूमिका थी?
10) क्या विधानसभा में विभिन्न पदों पर, जिनमें विपक्ष के नेता का पद भी शामिल है, कौन बैठेगा, इस बारे में कोई समस्या थी?
11) पहली बैठक में सभी ने अध्यक्ष को नेताओं के चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी, लेकिन उस दिन किसी ने हस्ताक्षर नहीं किए। लेकिन पुराने तारीख वाले कागज पर सभी ने हस्ताक्षर क्यों किए?
12) 6 मई और 19 मई को कौन-कौन से विधायक उपस्थित थे या अनुपस्थित थे?
13) क्या आपको पता है कि अनुपस्थित विधायकों के नाम भी हस्ताक्षर किए गए हैं?
14) क्या आपको इस तथ्य की जानकारी है कि कुछ विधायकों के हस्ताक्षर मेल नहीं खा रहे हैं?
15) क्या आपने विधान सभा को भेजे गए पत्र पर हस्ताक्षर किए थे? क्या आपने सभी की राय जानते हुए हस्ताक्षर किए थे?
सीआईडी जांच में ममदगार बनी कोलकाता पुलिस
तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगति का आरोप लगाते हुए विधानसभा की ओर से पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है. सीआईडी जांच में कोलकाता पुलिस की सहायता कर रही है. अभिषेक बनर्जी को हस्ताक्षर मामले की जांच के लिए सोमवार दोपहर 12 बजे सीआईडी मुख्यालय, भवानी भवन में तलब किया गया था. शनिवार को चुनाव के बाद हुई हिंसा की स्थिति का जायजा लेने सोनारपुर जाते समय अभिषेक पर हमला हुआ था. यह देखना बाकी है कि वह आज पेश होंगे या नहीं.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला एक दस्तावेज पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर किए जाने के आरोपों से जुड़ा हुआ है. जांच एजेंसियों का मानना है कि मामले में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए अभिषेक बनर्जी से पूछताछ आवश्यक है. इसी सिलसिले में सीआईडी ने उन्हें नोटिस जारी कर एक निश्चित दिन और समय पर उपस्थित होने का निर्देश दिया था. सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने पूछताछ के लिए लगभग 20 सवाल तैयार किए थे, जिनमें दस्तावेजों की प्रामाणिकता, हस्ताक्षरों की प्रक्रिया और संबंधित व्यक्तियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी मांगी जानी थी.