रोड एक्सीडेंट पर अस्पताल में होगा बिल्कुल फ्री इलाज, गाजियाबाद के 10 अस्पतालों को किया गया चिन्हित...

Ghaziabad: अब सड़क दुर्घटना में घायल होने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस घायलों को सीधे नामित अस्पतालों में ले जा सकेगी. जहां पर लोगों को निशुल्क इलाज मुहैया कराया जाएगा. इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग नामित अस्पतालों को प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएगी. स्वास्थ्य विभाग द्वारा नामित सभी 10 अस्पतालों में ट्रॉमा से संबंधित सभी सेवाएं उपलब्ध है...
 

Ghaziabad: राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लिए साल 2025 सड़क सुरक्षा के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहा. जिले में साल भर में सड़क हादसों में करीब 376 लोगों की जान गई. यही वजह है कि सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करने के लिए गाजियाबाद प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहे हैं. अब जिले में 10 स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है. ब्लैक स्पॉट्स के नजदीक 10 निजी अस्पतालों को नामित किया गया है.

यानी अब सड़क दुर्घटना में घायल होने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस घायलों को सीधे नामित अस्पतालों में ले जा सकेगी. जहां पर लोगों को निशुल्क इलाज मुहैया कराया जाएगा. इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग नामित अस्पतालों को प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएगी. स्वास्थ्य विभाग द्वारा नामित सभी 10 अस्पतालों में ट्रॉमा से संबंधित सभी सेवाएं उपलब्ध है.

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अखिलेश मोहन के मुताबिक, 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं से संबंधित अधिकारियों को भी इस संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी. पहले चिन्हित स्थान न होने के चलते घायलों को कौन से अस्पताल में भर्ती कराना है यह तय करने में काफी समय लग जाता था. वहीं, अब पहले से अस्पताल तय होने के चलते 102 और 108 एम्बुलेंस सेवा तुरंत नजदीकी नामित अस्पताल में घायल व्यक्ति को लेकर पहुंचेगी. यदि किसी कारण से एम्बुलेंस से पहले पुलिस पहुंचती है तो पुलिस के पास भी तमाम अस्पतालों की सूची होगी, जिससे कि गोल्डन आवर में मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सके.

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, शासन के निर्देश पर iRAD (integrated Road Accident Database) और eDAR (e-Detailed Accident Report) पर दर्ज दुर्घटनाओं का तुलनात्मक विवरण, भारत सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से संचालित मुख्य योजनाएं जैसे ज़ीरो फर्टिलिटी डिस्ट्रिक्ट, सड़क सुरक्षा मित्र कार्यक्रम, रहवीर योजना, कैशलैस ट्रीटमेंट का रोड एक्सीडेंट विक्टिम योजना का क्रियानमंद किया जाना है.

गाजियाबाद में 10 स्थान ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किए गए हैं. ब्लैक स्पॉट के समीप 10 निजी चिकित्सालय को iRAD/eDAR और CTRAV (कैशलैस ट्रीटमेंट का रोड एक्सीडेंट विक्टिम) के लिए नामित किया गया है.

"सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहे हैं. 10 अस्पतालों को नामित किया गया है. सड़क दुर्घटना होने पर घायलों को उपचार के लिए नामित अस्पतालों में पुलिस और 108 एंबुलेंस द्वारा भर्ती कराया जाएगा. नामित अस्पतालों में घायलों को डेढ़ लाख रुपए तक का निशुल्क इलाज महिया कराया जाएगा. नामित अस्पतालों को ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाएगी." -डॉ अखिलेश मोहन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

क्या होता है गोल्डन आवर ?

किसी व्यक्ति के सड़क एक्सीडेंट समेत किसी दुर्घटना में गंभीर चोट लगने के कारण घायल होने के बाद पहले 60 मिनट को गोल्डन आवर कहा जाता है. घायल व्यक्ति को यदि 60 मिनट के भीतर सही और तुरंत इलाज उपलब्ध हो जाए तो जान बचाने की संभावना काफी अधिक हो जाती है. गोल्डन आवर में शरीर से ज्यादा खून बह जाने, ऑक्सीजन की कमी होने या दिमाग को नुकसान होने का खतरा काफी अधिक रहता है. यदि घायल व्यक्ति को समय से अस्पताल पहुंचा दिया जाए और प्राथमिक उपचार देकर इलाज शुरू किया जाए तो मौत या स्थाई विकलांगता को काफी हद तक रोका जा सकता है. यही वजह है कि दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति को तुरंत मदद और इलाज दिलाना बेहद आवश्यक है.

स्वास्थ्य विभाग द्वारा नामित किए गए अस्पताल

  • संतोष अस्पताल
  • मणिपाल अस्पताल
  • सर्वोदय ट्रॉमा सेंटर, वैशाली
  • यशोदा मेडिसिटी, इंदिरापुरम
  • मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली
  • अंबे हॉस्पिटल, शालीमार गार्डन
  • निविक सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल
  • जीवन हॉस्पिटल, मोदीनगर
  • नरेंद्र मोहन हॉस्पिटल
  • वर्धमान हॉस्पिटल

नामित अस्पतालों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, नामित किए गए अस्पतालों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा. 12 जनवरी और 13 जनवरी 2026 को प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे. कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण के लिए नामित अस्पतालों के प्रबंधक और संचालकों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रशिक्षण के लिए अस्पताल से एक चिकित्सक, एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक सहायक को प्रतिभाग करने के लिए निर्देश दिए गए हैं.