लखनऊ अग्निकांड के बाद एक्शन मोड में योगी सरकार, प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों की जांच तेज

 

 

 

UP News: लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में भीषण आग की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। 22 जून को हुए दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत के बाद प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है। फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान के चलते कई शहरों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

बुधवार को राजधानी लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में संचालित ग्रेविटी कोचिंग को जांच के दौरान सील कर दिया गया। अधिकारियों के पहुंचने पर संस्थान में कोई छात्र मौजूद नहीं मिला। बताया जा रहा है कि जांच अभियान की जानकारी मिलते ही संस्थान से जुड़े जिम्मेदार लोग मौके से हट गए थे।

इसके अलावा हजरतगंज स्थित आकाश कोचिंग की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान संस्थान प्रबंधन भवन का स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए शाम चार बजे तक का समय दिया। ऐलन और चैतन्य कोचिंग संस्थानों में भी जांच की तैयारी की गई है। वहां छात्रों की कक्षाएं चलने के कारण जांच के लिए समय निर्धारित किया गया है।

उधर, प्रयागराज में भी फायर सेफ्टी जांच अभियान के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। सिविल लाइंस स्थित मेडीजोन कोचिंग में जांच टीम के पहुंचने पर अंदर से गेट बंद कर दिया गया। फायर विभाग और प्रशासनिक अधिकारी काफी देर तक बाहर इंतजार करते रहे। बाद में पुलिस की मदद से गेट खुलवाया गया।

जांच में पाया गया कि संबंधित भवन के बेसमेंट से लेकर दूसरी मंजिल तक कोचिंग संचालित की जा रही थी, जबकि भवन का उपयोग आवासीय उद्देश्य के लिए किया जा रहा था। भवन में छात्रावास भी संचालित होने की जानकारी मिली है। इसके बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने भवन को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ अग्निकांड को प्रदेश के लिए बड़ा सबक बताते हुए अधिकारियों को मिशन मोड में फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग संस्थान या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में अस्पताल, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज, कोचिंग संस्थान, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवन और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच कराने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि पहले लोगों को जागरूक किया जाए और उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि अभियान के नाम पर किसी का अनावश्यक उत्पीड़न न हो।

लखनऊ अग्निकांड के बाद शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में प्रदेश के हजारों कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को सामने ला सकता है।