TMC कार्यकर्ता की मौत के बाद परिवार से मिले शुभेंदु अधिकारी, पत्नी को आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी का रखा प्रस्ताव

Halishahar (WB): परिवार से मुलाकात के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मृतक के परिजनों ने दो प्रमुख बातें उनके सामने रखी हैं. पहली मांग दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है और दूसरी मृतक के दोनों बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की है.
 

Halishahar (WB): पुलिस हिरासत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ता की मौत के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। सोमवार को शुभेंदु अधिकारी हालिशहर पहुंचे और मृतक के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मृतक की पत्नी स्थानीय पार्षद हैं।

शुभेंदु अधिकारी ने मृतक की पत्नी को अपने कार्यालय में सहायक की नौकरी देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने मृतक के दोनों बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने और परिवार को ₹10 लाख की आर्थिक सहायता देने की बात कही।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और मजिस्ट्रेट जांच कराने की घोषणा की गई।

परिवार ने की दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

परिवार से मुलाकात के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मृतक के परिजनों ने दो प्रमुख बातें उनके सामने रखी हैं। पहली मांग दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है और दूसरी मृतक के दोनों बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की है।

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि व्यक्ति की मौत पुलिस हिरासत में हुई है। हालांकि, उसकी मौत किस हद तक कथित शारीरिक यातना के कारण हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। उन्होंने बताया कि तीन डॉक्टरों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

जांच अधिकारी निलंबित, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

मामले को गंभीरता से लेते हुए शुभेंदु अधिकारी ने जांच अधिकारी को निलंबित करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने घटना की मजिस्ट्रेट जांच कराने की बात कही।

उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और कथित यातना से जुड़े आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।

मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी का प्रस्ताव

शुभेंदु अधिकारी ने मृतक की पत्नी के लिए अपने कार्यालय में सहायक के तौर पर नौकरी देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के तहत शुरुआती तौर पर 12 महीने तक ₹15 हजार प्रतिमाह दिए जाएंगे। इसके बाद उन्हें ग्रुप-डी पद पर स्थायी नियुक्ति देने की बात कही गई।

उन्होंने कहा कि परिवार ने उनसे नौकरी या आर्थिक सहायता की मांग नहीं की थी, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे मुश्किल समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहे।

बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी लेने का ऐलान

शुभेंदु अधिकारी ने मृतक के दोनों बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार को चिंता करने की जरूरत नहीं है और उनकी पढ़ाई में मदद की जाएगी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से परिवार को ₹10 लाख का चेक देने की बात भी उन्होंने कही।

परिवार ने पुलिस और प्रशासन पर जताया भरोसा

मृतक के परिवार की ओर से पुलिस और प्रशासन से न्याय की उम्मीद जताई गई है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि परिवार ने राज्य पुलिस और प्रशासन पर भरोसा जताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने परिवार के इस भरोसे के प्रति आभार जताया और कहा कि उनकी जिम्मेदारी है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

ममता बनर्जी के परिवार से नहीं मिलने पर भी बोले शुभेंदु

शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनके आने से एक दिन पहले ममता बनर्जी मृतक TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंची थीं, लेकिन परिवार का कोई सदस्य उनसे नहीं मिला।

उन्होंने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बचने की अपील करते हुए कहा कि इस घटना को राजनीतिक नारेबाजी का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि अलग राजनीतिक विचार रखने वाले व्यक्ति के परिवार के घर जाकर सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से मदद करना एक जिम्मेदारी है।

फिलहाल, पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत के मामले में निलंबन और मजिस्ट्रेट जांच की घोषणा के बाद जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।