पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के फैसले पर अखिलेश यादव का हमला, सरकार पर उठाए सवाल

Akhilesh Yadav On PM Modi: अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि समस्या की जड़ को खत्म करने के बजाय सरकार केवल उसके परिणामों पर ध्यान दे रही है. उनका कहना है कि पेपर लीक रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करना जरूरी है. देश में हर समस्या की एक ही जड़ है, जो गई अड़ है : नाम तो सुना होगा 'BJP'. NO FAST TRACK; BJP GO BACK!".
 

Akhilesh Yadav On PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में दोषियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए देशभर में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के ऐलान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा, "बीमारी ROOT में है और इलाज FRUIT का हो रहा है।" अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "जब बीमारी ROOT में है तो FRUIT के इलाज से कोई नहीं माननेवाला. 

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि समस्या की जड़ को खत्म करने के बजाय सरकार केवल उसके परिणामों पर ध्यान दे रही है. उनका कहना है कि पेपर लीक रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करना जरूरी है. देश में हर समस्या की एक ही जड़ है, जो गई अड़ है : नाम तो सुना होगा 'BJP'. NO FAST TRACK; BJP GO BACK!". इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों को लेकर बड़ा फैसला घोषित किया था. उन्होंने कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए ताकि दोषियों को जल्द और कड़ी सजा मिल सके. प्रधानमंत्री ने संबंधित विभागों को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं. 

प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देश के युवाओं का भविष्य और उनका हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने लिखा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के सपनों पर सीधा हमला हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे मामलों में न्याय में देरी न हो. इसी उद्देश्य से विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा, जिससे दोषियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. सरकार की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए जल्द ही एक नया और अधिक सख्त कानूनी ढांचा भी लाया जा सकता है. प्रधानमंत्री के इस ऐलान के बाद विपक्ष ने सरकार की मंशा और अब तक की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. अखिलेश यादव का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव की कड़ी माना जा रहा है.