अखिलेश यादव ने फिर उठाया EVM का मुद्दा! बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग, जानिए क्या कहा?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर EVM के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई है. उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी सभी सीटों पर जीत हासिल कर लेती है, तब भी EVM के खिलाफ उनका रुख नहीं बदलेगा. अखिलेश के मुताबिक, मतदान व्यवस्था में पारदर्शिता और जनता का भरोसा महत्वपूर्ण है. 
 

Uttar Pradesh:  उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर EVM को लेकर बहस तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के इस्तेमाल पर अपनी पुरानी मांग दोहराई है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल कर लेती है, तब भी वह EVM हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते रहेंगे।

अखिलेश यादव के इस बयान ने चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मतदान प्रणाली को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। सपा प्रमुख का कहना है कि उनकी मांग किसी चुनावी नतीजे से प्रभावित नहीं होती, बल्कि यह चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के भरोसे से जुड़ा मुद्दा है।

जीत भी नहीं बदल पाएगी अखिलेश की मांग

"समाजवादी पार्टी 80 की 80 सीटें भी जीत जाए, तब भी ईवीएम के खिलाफ है।" - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, वाराणसी https://t.co/FjsThHHQ6h

— Samajwadi Party (@samajwadiparty) November 3, 2026

"समाजवादी पार्टी 80 की 80 सीटें भी जीत जाए, तब भी ईवीएम के खिलाफ है।" - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, वाराणसी https://t.co/FjsThHHQ6h

— Samajwadi Party (@samajwadiparty) November 3, 2026


अखिलेश यादव ने अपने बयान में एक ऐसी स्थिति का उदाहरण दिया, जिसमें समाजवादी पार्टी प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें जीत जाती है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी चुनावी जीत मिलने के बावजूद EVM के खिलाफ उनका रुख नहीं बदलेगा।

उनके मुताबिक, चुनाव में जीत या हार को आधार बनाकर मतदान प्रणाली पर अपना पक्ष नहीं बदलना चाहिए। यही वजह है कि उन्होंने दोबारा बैलेट पेपर से मतदान कराने की वकालत की है।

EVM की जगह बैलेट पेपर चाहते हैं सपा प्रमुख

सपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि वह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय पारंपरिक बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने के पक्ष में हैं। उन्होंने इस मांग को चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास से जोड़कर पेश किया है।

अखिलेश का कहना है कि मतदान व्यवस्था को लेकर सवाल उठाना और उसमें पारदर्शिता की मांग करना जरूरी है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब EVM के इस्तेमाल और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस लगातार चर्चा में रहती है।

चुनाव सुधार का मुद्दा फिर आया चर्चा में

अखिलेश यादव के ताजा बयान के बाद EVM बनाम बैलेट पेपर की बहस एक बार फिर राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गई है। सपा प्रमुख ने अपने रुख के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी पार्टी की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग किसी चुनावी परिणाम पर निर्भर नहीं है।

अब इस बयान के बाद अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी। फिलहाल अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि चुनाव में सभी सीटें जीतने की स्थिति में भी EVM हटाने और बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग जारी रहेगी।