AAP में सब ठीक नहीं? आम आदमी पार्टी में बिखराव के संकेत, क्या फैसलों से नाराज़ हैं बड़े नेता, एक के बाद एक नेताओं के बाहर जाने की वजह क्या, पर्दे के पीछे की क्या है कहानी...

AAP Internal Crisis: आम आदमी पार्टी में लगातार बड़े नेताओं के जाने से पार्टी की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं. हाल में राघव चड्ढा के बाहर जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है. इससे पहले योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, कुमार विश्वास और आशुतोष जैसे कई बड़े नाम पार्टी से अलग हो चुके हैं.
 

AAP Internal Crisis: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की है और 'आप' के छह अन्य राज्यसभा सांसदों के अपने साथ होने का दावा किया है. इस घोषणा के बाद राघव चड्ढा दल बदलने वाले कुछ सांसदों के साथ बीजेपी दफ़्तर पहुंचे. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल दस सांसद हैं. दो-तिहाई से अधिक सांसदों के पार्टी छोड़ने पर दल बदल क़ानून लागू नहीं होगा. सात सदस्यों के निकलने के बाद पार्टी के राज्यसभा में सिर्फ़ तीन सांसद रह जाएंगे.

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटनाक्रम के बाद दी गई अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है, "बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धक्का."

वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे पंजाब के साथ 'धोखा' करार दिया है.

आम आदमी पार्टी में लगातार बड़े नेताओं के जाने से पार्टी की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं. हाल में राघव चड्ढा के बाहर जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है. इससे पहले योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, कुमार विश्वास और आशुतोष जैसे कई बड़े नाम पार्टी से अलग हो चुके हैं. विश्लेषण में चार मुख्य कारण सामने आते हैं-आंतरिक लोकतंत्र पर सवाल, असहमति पर कड़ा रुख, नेतृत्व और संगठन के बीच दूरी, और बदलते राजनीतिक समीकरण। हालांकि राजनीति में मतभेद सामान्य हैं, लेकिन एक जैसे आरोप बार-बार सामने आना पार्टी के लिए चुनौती बन गया है. अब AAP के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने भीतर के विश्वास को बनाए रखना है.