यूपी में बाढ़ के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 21 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला
UP News: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति के बीच योगी सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ राहत शिविर, भोजन, चिकित्सा और जरूरी सामान उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, गुरुवार को करीब 8 हजार लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके साथ ही अब तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों की संख्या 21,350 हो गई है। राहत अभियान में अब तक 2,385 नाव और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा चुका है।
राहत शिविरों में करीब 3 हजार लोगों को मिला सहारा
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अलग-अलग स्थानों पर राहत शिविर बनाए गए हैं। फिलहाल इन शिविरों में 2,972 लोग रह रहे हैं, जहां उनके रहने और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
एक दिन में बांटे गए 72 हजार से ज्यादा लंच पैकेट
बाढ़ के बीच प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार को ही 72,620 लंच पैकेट वितरित किए गए। इसके अलावा 9,937 बाढ़ राहत किट भी लोगों तक पहुंचाई गईं।
अब तक प्रदेश में 9.31 लाख से अधिक लंच पैकेट और 1.49 लाख से ज्यादा खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य टीमें सक्रिय
बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की 1,165 मेडिकल टीमें सक्रिय की गई हैं। लोगों को संक्रमण और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए अब तक 7.22 लाख से ज्यादा क्लोरीन टैबलेट और 2.97 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट बांटे जा चुके हैं।
राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, अब तक बाढ़ के कारण किसी जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है।
पशुधन के लिए भी राहत व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित परिवारों के पशुओं के लिए भी प्रशासन की ओर से इंतजाम किए जा रहे हैं। अब तक करीब 6,956 क्विंटल भूसा वितरित किया जा चुका है, ताकि प्रभावित इलाकों में पशुधन के सामने चारे का संकट न खड़ा हो।
इन जिलों में बाढ़ का असर
उत्तर प्रदेश के अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कौशांबी, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी में बाढ़ का असर बताया गया है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। बचाव दलों को जरूरत के मुताबिक सक्रिय रखा गया है, जबकि राहत सामग्री, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कोशिश जारी है।