MLC चुनाव के बीच सपा प्रत्याशी का छलका दर्द, बोले- 'पाकिस्तान से आया आतंकवादी हूं क्या?

MLC चुनाव के बीच समाजवादी पार्टी के एक प्रत्याशी का भावुक बयान चर्चा में है. प्रत्याशी ने रोते हुए सवाल उठाया, “पाकिस्तान से आया आतंकवादी हूं क्या?” उन्होंने अपनी स्थिति पर नाराजगी जताते हुए धर्म परिवर्तन करने का ऐलान भी किया.
 

Uttar Pradesh:   उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव के दौरान आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल का एक भावुक बयान चर्चा में आ गया है। मतदान के दौरान कैमरे के सामने रोते हुए उन्होंने प्रशासन पर अपने समर्थकों और प्रबंधकों को परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिस्टम से उनका भरोसा उठ गया है और वह अगले महीने लखनऊ की शाही ईदगाह में इस्लाम कबूल करेंगे। उनके बयान और बूथ कैप्चरिंग के आरोपों ने चुनावी माहौल में विवाद पैदा कर दिया है।

आकाश अग्रवाल ने कहा कि उन्हें चुनाव में हार या जीत की चिंता नहीं है, लेकिन उनके समर्थकों, परिवार और शिक्षकों के साथ कथित व्यवहार से वह बेहद आहत हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब उनका व्यवस्था पर भरोसा नहीं रह गया है। हालांकि, उनके लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

'पाकिस्तान से आया आतंकवादी हूं क्या?'—प्रशासन पर लगाए आरोप

सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि 12 जिलों में उनके प्रबंधकों और समर्थकों को कथित तौर पर परेशान किया गया। उनके मुताबिक, अधिकारियों की ओर से अफवाहें फैलाई गईं, आरोप लगाए गए और गाली-गलौज की गई।

अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने सवाल किया, 'पाकिस्तान से आया आतंकवादी हूं क्या?' उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत उनके लिए महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन उनके परिवार और समर्थकों के साथ जिस तरह का व्यवहार किए जाने का वह आरोप लगा रहे हैं, उससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।

आकाश अग्रवाल ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी है, तो वह इसके लिए तैयार हैं, लेकिन उनके परिवार और समर्थकों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

बूथ कैप्चरिंग के भी लगाए आरोप

मतदान के दौरान आकाश अग्रवाल ने कुछ मतदान केंद्रों पर बूथ कैप्चरिंग की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि खेरागढ़ के बूथ नंबर 20 पर उनके प्रत्याशी के भतीजे ने बूथ लूटे जाने की घटना का वीडियो कमिश्नर को भेजा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसी बूथ पर पीठासीन अधिकारी के खाना खाने जाने के दौरान मतदाताओं को बाहर निकालकर कमरे को बंद कर लिया गया था। इसके अलावा, उन्होंने छाता के बूथ नंबर 40 पर भी बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया। उन्होंने बूथ नंबर 10 पर भाजपा प्रत्याशी की ओर से बूथ कैप्चर करने की कोशिश किए जाने का भी दावा किया।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हो सकी है। आरोपों के संबंध में प्रशासन या निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

'अगले महीने शाही ईदगाह में इस्लाम कबूल करूंगा'

अपने बयान में सपा प्रत्याशी ने धर्म परिवर्तन करने का ऐलान भी किया। आकाश अग्रवाल ने कहा कि वह अगले महीने लखनऊ जाएंगे और वहां शाही ईदगाह में इस्लाम कबूल करेंगे।

उन्होंने अपने फैसले को कथित प्रशासनिक व्यवहार और व्यवस्था से उठे भरोसे के संकट से जोड़ते हुए कहा कि उन्हें चुनाव में जीत या हार से फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किस पार्टी से चुनाव लड़ना है या नहीं लड़ना है, यह उनका व्यक्तिगत फैसला है।

आकाश अग्रवाल ने अपने बयान में एक अधिकारी के साथ हुई कथित बातचीत का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, अधिकारी ने उनसे कहा था कि वह केवल एमएलसी प्रत्याशी हैं, खुदा नहीं। इस पर उन्होंने पलटकर कहा कि उन्होंने अपना खुदा बदल लिया है।

फिलहाल, धर्म परिवर्तन को लेकर किया गया यह ऐलान उनके बयान का हिस्सा है। इसे लेकर आगे कोई औपचारिक कदम उठाया गया है या नहीं, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

'मुझे जेल में डालना है तो डाल दें, परिवार को परेशान न करें'

आकाश अग्रवाल ने अपने बयान में सरकार और प्रशासन से कहा कि यदि उन्हें जेल भेजना है तो भेज दिया जाए, लेकिन उनके परिवार, साथियों, स्कूल से जुड़े लोगों और 12 जिलों के शिक्षकों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि मतदान के दौरान भी बूथ कैप्चरिंग की कोशिशें हो रही थीं। उन्होंने अधिकारियों से चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। उनके बयान से स्पष्ट है कि वह चुनाव के दौरान अपने समर्थकों के साथ कथित व्यवहार को लेकर नाराज हैं।

हालांकि, प्रशासन पर लगाए गए आरोपों और मतदान केंद्रों पर कथित अनियमितताओं की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही हो सकेगी।

यूपी विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुआ मतदान

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया गया। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी खंड शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की छह सीटों के लिए भी मतदान हुआ।

इसी चुनाव के दौरान आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनके भावुक बयान, बूथ कैप्चरिंग के दावों और धर्म परिवर्तन के ऐलान ने इस चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।

आरोपों और बयान के बीच प्रशासन की प्रतिक्रिया अहम

आकाश अग्रवाल के आरोपों के बाद अब संबंधित मतदान केंद्रों पर हुई घटनाओं और उनके दावों की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। बूथ कैप्चरिंग जैसे आरोपों की जांच उपलब्ध वीडियो, चुनावी रिकॉर्ड और निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर की जा सकती है।

फिलहाल, सपा प्रत्याशी के बयान ने चुनावी माहौल में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, प्रशासन पर लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जाना बाकी है। मामले में निर्वाचन अधिकारियों की प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।