अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी का आगाज! CM योगी ने याद किया राम जन्मभूमि आंदोलन का संघर्ष
Ashok Singhal Birth Centenary: विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष (1926-2026) का उद्घाटन समारोह लखनऊ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अशोक सिंघल के जीवन, विचारों और सार्वजनिक योगदान को याद किया। लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम जन्म शताब्दी वर्ष की शुरुआत से जुड़े आयोजनों का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि अशोक सिंघल ने अपना जीवन देश, समाज और सनातन परंपरा से जुड़े कार्यों के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में सिंघल ने जिस विचार और अभियान को आगे बढ़ाया, उसका प्रभाव आज भी दिखाई देता है।
देश और समाज के लिए समर्पित रहा जीवन
सीएम योगी ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपने जीवन को राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देश और समाज के लिए काम किया।
मुख्यमंत्री ने उनके विचारों का उल्लेख करते हुए कहा, "तन समर्पित, मन समर्पित, और यह जीवन समर्पित, चाहता हूं देश की धरती तुझे कुछ और भी दूं।"
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन उनके समर्पण और सामाजिक कार्यों की वजह से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का विषय है।
राम जन्मभूमि आंदोलन में भूमिका का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अशोक सिंघल की राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ी भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सिंघल ने इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए लंबे समय तक काम किया और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक समूहों के बीच समन्वय स्थापित करने में भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल का एक प्रमुख उद्देश्य सनातन परंपरा और हिंदू समाज से जुड़े विषयों को लेकर काम करना था। उनके संबोधन में राम जन्मभूमि आंदोलन के विभिन्न दौर और उससे जुड़े संघर्षों का भी जिक्र हुआ।
गोरखनाथ मंदिर में बच्चों को पढ़ाने का भी किया उल्लेख
सीएम योगी ने अशोक सिंघल के गोरखनाथ मंदिर से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सिंघल ने वहां बच्चों को पढ़ाया था और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान अशोक सिंघल लगातार सक्रिय रहे। उनके अनुसार, आंदोलन के विभिन्न चरणों में सिंघल की मौजूदगी और भूमिका महत्वपूर्ण रही।
जन्म शताब्दी वर्ष में सालभर होंगे कार्यक्रम
विश्व हिंदू परिषद ने अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष को देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाने की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश में इसका औपचारिक शुभारंभ 27 सितंबर को लखनऊ में किया गया। आयोजकों के मुताबिक, वर्षभर सेवा, सामाजिक समरसता, संस्कार, भारतीय ज्ञान परंपरा और सामाजिक जागरण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजनों के जरिए अशोक सिंघल के जीवन और उनके सार्वजनिक योगदान को याद करने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना है। इनमें युवाओं और महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों के साथ सेवा तथा सामाजिक जागरूकता से संबंधित गतिविधियां भी शामिल हैं।
विचारों और योगदान को याद करने का अवसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अशोक सिंघल के जीवन और विचारों को याद करना उनके आदर्शों और सामाजिक योगदान को समझने का अवसर है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को हुआ था। वर्ष 2026 में उनकी जन्म शताब्दी मनाई जा रही है। विश्व हिंदू परिषद ने इस अवसर पर वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।