यूपी चुनाव से पहले BJP के पूर्व सांसद कौशल किशोर का बड़ा बयान, बोले- ‘मुझे धक्का देने की कोशिश हो रही’, बेटे के टिकट पर भी साफ किया रुख

 

 

UP News: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर के बयान ने पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। कौशल किशोर ने पार्टी में अपनी कथित अनदेखी को लेकर खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें धीरे-धीरे पार्टी से दूर करने की कोशिश की जा रही है और बीजेपी के कार्यक्रमों में भी उन्हें पहले की तुलना में काफी कम बुलाया जाता है।

कौशल किशोर का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। ऐसे में उनके बयान को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

‘मुझे धक्का देने का प्रयास किया जा रहा’

कौशल किशोर ने कहा कि निश्चित रूप से उन्हें धक्का देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कई कार्यक्रमों में उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाता और जिन कार्यक्रमों में बुलाया जाता है, वहां वे शामिल होते हैं।

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि वह 15 चुनाव लड़ चुके हैं और इनमें से 12 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन इससे वह विचलित होने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह यह समझना चाहते हैं कि पार्टी का उनके प्रति क्या लक्ष्य और इच्छा है।

2024 चुनाव को लेकर लगाए गंभीर आरोप

कौशल किशोर ने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए पार्टी के कुछ लोगों पर अपने खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के कुछ लोगों ने चुनाव के दौरान उनका खुलकर विरोध किया था और ऐसे लोग आज भी पार्टी में बने हुए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने उनके साथ धोखा और विश्वासघात किया, उन्हें पार्टी में संरक्षण मिल रहा है। कौशल किशोर ने सवाल उठाया कि अगर पार्टी के खिलाफ काम करने वाले लोगों के खिलाफ शिकायत की गई थी, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

सोशल मीडिया पोस्ट पर दी सफाई

हाल में उनकी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज हुई थी। इस पर कौशल किशोर ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी पार्टी, संगठन या नेता का नाम लेकर टिप्पणी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि एक मित्र की कही बात को उन्होंने पोस्ट किया था, लेकिन लोगों ने उसका अलग-अलग अर्थ निकाल लिया।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी खास पार्टी या व्यक्ति पर टिप्पणी करना नहीं था, बल्कि यह संदेश देना था कि किसी व्यक्ति या संगठन को अपने मूल उद्देश्यों और विचारों से नहीं भटकना चाहिए।

खुद और पत्नी के चुनाव लड़ने से किया इनकार

आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी भूमिका को लेकर भी कौशल किशोर ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह खुद विधानसभा चुनाव लड़ने नहीं जा रहे हैं। यदि पार्टी उन्हें किसी दूसरी सीट से चुनाव लड़ने का सुझाव देती है, तब भी उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने की बात कही है।

उन्होंने अपनी पत्नी जयदेवी के चुनाव लड़ने की संभावना से भी इनकार किया। यानी इस बार कौशल किशोर परिवार से खुद या अपनी पत्नी के बजाय बेटे विकास किशोर को चुनाव मैदान में उतारने के पक्ष में हैं।

बेटे विकास किशोर के टिकट की खुलकर पैरवी

कौशल किशोर ने अपने बेटे विकास किशोर के लिए चुनावी टिकट की खुलकर पैरवी की। उन्होंने कहा कि विकास लगातार पार्टी में काम कर रहा है और अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष के तौर पर भी जिम्मेदारी निभा चुका है। उन्होंने बताया कि विकास ने पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन संभव है कि वह इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ हो।

कौशल किशोर ने कहा कि इस बार विकास किशोर को ही चुनाव लड़ाया जाएगा। हालांकि, अंतिम फैसला बीजेपी को करना है और पार्टी जो निर्णय लेगी, उसके अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।

कौशल किशोर के इस बयान के बाद अब नजर इस बात पर है कि बीजेपी नेतृत्व उनकी नाराजगी और बेटे के टिकट की दावेदारी को लेकर क्या रुख अपनाता है। चुनाव से पहले पार्टी के भीतर उनकी भूमिका को लेकर भी राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।