ध्वनि प्रदूषण पर बंगाल सरकार का बड़ा कदम, हटेंगे नियम विरुद्ध लाउडस्पीकर
Ranchi: ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के पालन को लेकर राज्य सरकार अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है. सरकार ने राज्य के सभी थानों को निर्देश जारी किया है कि उनके क्षेत्र में स्थित ऐसे धार्मिक स्थलों की पहचान करें, जहां लाउडस्पीकर के उपयोग में ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन हो रहा है. ऐसे मामलों में पहले संबंधित प्रबंधन को नियमों का पालन करने और अतिरिक्त लाउडस्पीकर हटाने के लिए कहा जाएगा. निर्देशों का पालन नहीं होने पर प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा.
सभी थानों को जारी किए गए निर्देश
सोमवार को जारी आदेश के बाद राज्यभर के पुलिस थानों में हलचल तेज हो गई है. कई इलाकों में धार्मिक स्थलों पर एक साथ कई लाउडस्पीकर लगाए जाने और निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में प्रसारण की शिकायतें सामने आई हैं. ऐसे मामलों की समीक्षा कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधियों के साथ होगी बैठक
प्रशासन ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाने का निर्णय लिया है. बैठक में ध्वनि प्रदूषण नियमों की जानकारी दी जाएगी और जहां नियमों का उल्लंघन हो रहा है, वहां स्वेच्छा से लाउडस्पीकर हटाने या निर्धारित मानकों के अनुरूप उपयोग करने को कहा जाएगा.
यदि संबंधित पक्ष निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो प्रशासन कानून के तहत कार्रवाई करेगा.
पहले नोटिस, अब शुरू होगी कार्रवाई
सरकार ने 15 मई 2026 को ही धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को ध्वनि प्रदूषण नियमों के पालन के संबंध में नोटिस जारी किया था. इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिलने के बाद अब प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
क्या कहते हैं ध्वनि प्रदूषण नियम?
ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत लागू किया गया था. इन नियमों के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अधिकतम ध्वनि सीमा निर्धारित की गई है.
सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक
- औद्योगिक क्षेत्र: अधिकतम 75 डेसीबल
- व्यावसायिक क्षेत्र: अधिकतम 65 डेसीबल
- आवासीय क्षेत्र: अधिकतम 55 डेसीबल
- शांत क्षेत्र: अधिकतम 50 डेसीबल
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर का उपयोग सामान्यतः प्रतिबंधित है. विशेष परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति मिलने पर ही बंद स्थानों में सीमित ध्वनि स्तर के साथ इसका उपयोग किया जा सकता है.
रात्रि के दौरान अधिकतम ध्वनि सीमा:
- औद्योगिक क्षेत्र: 70 डेसीबल
- व्यावसायिक क्षेत्र: 55 डेसीबल
- आवासीय क्षेत्र: 45 डेसीबल
- शांत क्षेत्र: 40 डेसीबल
नियमों के पालन पर रहेगा जोर
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सभी नागरिकों के लिए निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन सुनिश्चित करना है. पुलिस और प्रशासन पहले लोगों को जागरूक करेंगे, लेकिन लगातार नियमों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.