बंगाल में आतंक और ड्रग्स पर बड़ा एक्शन! पहली बार ATS-ANTF को कैबिनेट की मंजूरी

Kolkata: पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने राज्य में पहली समर्पित एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के गठन को मंजूरी दे दी है. ATS के लिए 460 से अधिक नियमित पदों के सृजन को मंजूरी मिली है. वहीं, ड्रग तस्करी पर कार्रवाई के लिए दुर्गापुर, मालदा, खड़गपुर और नदिया में चार विशेष एंटी-नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे.
 

Kolkata: पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने राज्य में डेडिकेटेड एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के गठन को मंजूरी दे दी है। दोनों विशेष इकाइयों के लिए कुल 1,057 नए पद सृजित किए जाएंगे।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार ATS के लिए 461 नियमित पद और डिजिटल डेटा एनालिसिस से जुड़े पांच संविदात्मक पद बनाए जाएंगे। वहीं, ANTF के लिए 591 नए पदों को मंजूरी दी गई है।

ATS के लिए 466 पदों को मंजूरी

पश्चिम बंगाल में पहली समर्पित ATS के गठन का उद्देश्य आतंकवाद से जुड़े खतरों से निपटने के लिए राज्य पुलिस की विशेष क्षमताओं को मजबूत करना है। ATS के लिए कुल 466 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 461 नियमित पद और पांच संविदात्मक सॉफ्टवेयर डेवलपर के पद शामिल हैं।

नई इकाई को आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच, खुफिया जानकारी के विश्लेषण और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के जरिए सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने में भूमिका निभानी होगी।

ANTF के लिए 591 नए पद

नशीले पदार्थों की तस्करी और संगठित ड्रग नेटवर्क से निपटने के लिए राज्य में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट ने 591 नए पदों को मंजूरी दी है।

ANTF के तहत दुर्गापुर, मालदा, खड़गपुर और नदिया में चार विशेष पुलिस स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। इन इकाइयों के जरिए मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में खुफिया जानकारी जुटाने, जांच और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया जाएगा।

अमित शाह की समीक्षा बैठक के बाद बड़ा फैसला

यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर हुई समीक्षा बैठक के बाद सामने आया है। जुलाई में हुई इस बैठक में राज्य की आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए ANTF, ATS और NIA की तर्ज पर Special Investigation Agency (SIA) स्थापित करने की दिशा में कदम उठाने पर जोर दिया गया था।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस के आधुनिकीकरण, सीमा क्षेत्रों में सरकारी जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने और राज्य से जुड़े आतंकवाद एवं UAPA मामलों की समीक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी।

सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की तैयारी

कैबिनेट के ताजा फैसले को पश्चिम बंगाल के सुरक्षा ढांचे के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। ATS और ANTF के लिए नए पदों और विशेष पुलिस स्टेशनों की स्थापना से राज्य पुलिस को आतंकवाद तथा संगठित मादक पदार्थ अपराध से जुड़े मामलों से निपटने के लिए अलग और विशेषज्ञ व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने भी राज्यों में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के लिए ANTF व्यवस्था और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय पर जोर दिया है।

अमित शाह ने इन बिंदुओं पर शुभेंदु को दी थी सलाह

  • सुरक्षा तंत्र का सशक्तीकरण : पश्चिम बंगाल के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दें.
  • विशेष एजेंसियों का गठन : राज्य के भीतर एनआईए (NIA) की तर्ज पर एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) गठित करें.
  • यूएपीए मामलों की समीक्षा : नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा राज्य से संबंधित सभी आतंकवाद और यूएपीए (UAPA) मामलों की गहन समीक्षा करें.
  • सीमावर्ती इलाकों से अतिक्रमण हटायें : राज्य के सीमावर्ती इलाकों में सरकारी जमीन पर हुए अवैध अतिक्रमणों को हटाने की सलाह भी केंद्रीय गृह मंत्री ने दी थी.

पश्चिम बंगाल के मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उन्होंने मई 2026 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।