बलिया BJP में बड़ा विवाद! संजय मिश्र पर आरोपों की जांच को पहुंची टीम, पीड़िता से पूछे सवाल

Balia, Uttar Pradesh:  भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र पर लगे दुष्कर्म के आरोपों की जांच के लिए प्रदेश नेतृत्व की ओर से गठित दो सदस्यीय टीम मंगलवार को बलिया पहुंची. टीम में संगीता अग्रहरि और अमिता गुप्ता शामिल थीं. टीम ने संगठन पदाधिकारियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से अलग-अलग बातचीत की. इसके बाद पीड़िता के घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया और उसके पक्ष में मौजूद साक्ष्यों की जानकारी ली.
 

Balia, Uttar Pradesh:  भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र पर एक महिला की ओर से लगाए गए दुष्कर्म और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोपों की जांच के लिए प्रदेश नेतृत्व की ओर से गठित दो सदस्यीय टीम मंगलवार को बलिया पहुंची। टीम में संगीता अग्रहरि और अमिता गुप्ता शामिल थीं। जांच टीम ने संगठन के पदाधिकारियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से अलग-अलग बातचीत कर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।

जांच के दौरान टीम पीड़िता के घर भी पहुंची और उसका बयान दर्ज किया। टीम ने आरोपों से संबंधित तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। भाजपा की ओर से फिलहाल जांच के निष्कर्ष को लेकर कोई आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।

प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर बलिया पहुंची टीम

भाजपा प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर गठित जांच टीम ने सबसे पहले मामले से जुड़े संगठन पदाधिकारियों और अन्य लोगों से बातचीत की। टीम ने घटनाक्रम से संबंधित अलग-अलग पक्षों को सुना और उपलब्ध जानकारी जुटाई।

संगठन पदाधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता ने जांच टीम के सामने पहले लगाए गए आरोपों से संबंधित अपना पक्ष रखा और मामले से जुड़े तथ्यों व उपलब्ध साक्ष्यों की जानकारी दी।

पीड़िता के घर पहुंचकर दर्ज किया बयान

जांच टीम पीड़िता के घर पहुंची, जहां उससे मामले को लेकर विस्तृत बातचीत की गई। टीम ने आरोपों, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों से संबंधित जानकारी जुटाई।

इसके बाद जांच टीम ने प्रकरण से जुड़े अन्य लोगों और पार्टी पदाधिकारियों से भी अलग-अलग बातचीत की। बताया जा रहा है कि टीम का उद्देश्य मामले से जुड़े सभी पक्षों और उपलब्ध तथ्यों की जानकारी एकत्र करना था।

जांच के बाद प्रदेश नेतृत्व को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

बलिया में संबंधित लोगों से बातचीत और तथ्य जुटाने के बाद जांच टीम वापस लौट गई। अब टीम जांच के दौरान सामने आए तथ्यों, बयानों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर अपनी रिपोर्ट भाजपा प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी।

फिलहाल भाजपा की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच रिपोर्ट कब तक सौंपी जाएगी और उसमें क्या निष्कर्ष सामने आए हैं।

प्रदेश नेतृत्व ने मामले को लिया गंभीरता से

महिला नेत्री की ओर से भाजपा जिलाध्यक्ष समेत संगठन के पदाधिकारियों पर लगाए गए आरोपों के बाद प्रदेश नेतृत्व ने मामले की जानकारी ली थी। इसके बाद पीड़िता से तथ्य जानने और मामले की स्थिति समझने के लिए दो क्षेत्रीय महिला पदाधिकारियों को बलिया भेजा गया।

जांच टीम ने संगठन के स्तर पर उपलब्ध जानकारी के साथ ही पीड़िता का पक्ष भी सुना है। अब प्रदेश नेतृत्व के सामने जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।

संजय मिश्र ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जांच टीम बलिया आई थी, लेकिन फिलहाल टीम की ओर से उनसे संपर्क नहीं किया गया है।

इस तरह मामले में एक ओर महिला की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जबकि संजय मिश्र इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे प्रकरण को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

नीरज शेखर ने आरोपों को बताया था साजिश

इस बीच राज्यसभा सांसद नीरज शेखर का बयान भी सामने आया था। चितबड़ागांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र के समर्थन में बात की थी।

नीरज शेखर ने संजय मिश्र के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को साजिश और षड्यंत्र बताया था। उन्होंने कहा था कि वह संजय मिश्र के साथ खड़े हैं।

जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

अब इस पूरे मामले में भाजपा की जांच टीम की रिपोर्ट पर नजर बनी हुई है। जांच टीम ने पीड़िता समेत मामले से जुड़े विभिन्न पक्षों से बातचीत कर जानकारी जुटाई है। प्रदेश नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच में किन तथ्यों और बयानों को शामिल किया गया है।

फिलहाल मामले में महिला की ओर से लगाए गए आरोप, संजय मिश्र का खंडन, नीरज शेखर का समर्थन और भाजपा की जांच प्रक्रिया—ये सभी प्रमुख पक्ष सामने हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश नेतृत्व की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।