TMC में बड़ा सियासी भूचाल! वरिष्ठ नेता देबोलीना बिस्वास ने दिया इस्तीफा, पार्टी पर लगाया दबाव का आरोप

 
Kolkata News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब कोलकाता नगर निगम (KMC) के बरो-9 की अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता देबोलीना बिस्वास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका यह फैसला ऐसे समय में आया है जब टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार से जुड़ी संपत्तियों को लेकर नगर निगम की कार्रवाई चर्चा में है।

देबोलीना बिस्वास ने इस्तीफे के बाद दावा किया कि उन पर कुछ निर्णयों को प्रभावित करने और अपनी नीतियों से समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि वे अपने सिद्धांतों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा सकतीं, इसलिए पद छोड़ना ही बेहतर समझा।

नोटिस विवाद के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि हाल ही में कोलकाता नगर निगम द्वारा कुछ संपत्तियों को लेकर जारी कानूनी नोटिस के बाद पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई थी। इसी घटनाक्रम के बीच देबोलीना के इस्तीफे ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

देबोलीना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुछ तथ्यों को दबाने और नियमों में बदलाव के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही से समझौता नहीं किया जा सकता।

पार्टी नहीं छोड़ेंगी, जनता के बीच रहेंगी

हालांकि इस्तीफे के बावजूद देबोलीना बिस्वास ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल टीएमसी नहीं छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि वार्ड-74 की पार्षद के रूप में वह जनता की सेवा जारी रखेंगी और अपने राजनीतिक दायित्वों का निर्वहन करती रहेंगी।

बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल

देबोलीना के इस्तीफे को पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम ने टीएमसी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और संगठनात्मक चुनौतियों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है और देबोलीना बिस्वास के आरोपों पर आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।