पश्चिम बंगाल में बड़ा सियासी झटका! 5 बार विधायक, मंत्री और डिप्टी स्पीकर रहे TMC नेता आशीष बनर्जी की मौत, पार्टी कार्यालय में मिला शव

West Bengal: बीरभूम जिले के रामपुरहाट से लगातार पांच बार विधायक और ममता बनर्जी सरकार में पूर्व मंत्री रहे आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह उनके आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटकता मिला. आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम हस्ती थे और जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब वे डिप्टी स्पीकर के पद पर थे.
 

West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यालय में रविवार सुबह फंदे से लटका मिला। सूत्रों ने बताया कि रामपुरहाट में बनर्जी के आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय से एक कथित ‘सुसाइड नोट’ भी बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक बनर्जी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है और अभी यह पता नहीं चल पाया है कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।

बीरभूम जिले के रामपुरहाट से लगातार पांच बार विधायक और ममता बनर्जी सरकार में पूर्व मंत्री रहे आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह उनके आवास के पास स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटकता मिला। आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम हस्ती थे और जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब वे डिप्टी स्पीकर के पद पर थे। वे रामपुरहाट से पांच बार विधायक चुने गए थे। वर्ष 2001 से 2026 तक रामपुरहाट का प्रतिनिधित्व करने वाले 75 वर्षीय बनर्जी हालिया विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार ध्रुव साहा से चुनाव हार गए थे।

बता दें कि पुलिस को शव के पास से एक पन्ने का सुसाइड नोट मिला है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथारिटी (टीआरडीए) में खुद को दरकिनार किए जाने और अपनी छवि को धूमिल करने की साजिशों का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि वे कभी किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे, फिर भी उन्हें अपमानित किया गया। दुख और हताशा व्यक्त करते हुए उन्होंने अपने परिवार की भावी पीढ़ियों को कभी भी राजनीति में न कदम रखने की सलाह दी है।

अपने अंतिम संदेश में पूर्व डिप्टी स्पीकर ने लिखा है कि मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। लेकिन आज मुझे अहसास हो रहा है कि राजनीति में आना ही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी। पेशे से शिक्षक रहे आशीष ने नोट में अपने साफ-सुथरे करियर का हवाला देते हुए लिखा कि उन्होंने जीवन भर एक पैसा भी गलत तरीके से नहीं लिया और हमेशा बिना फीस के छात्रों को पढ़ाया।

हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल नेताओं पर कसते शिकंजे और राजनीतिक अलग-थलगता के बीच इस घटना ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। रामपुरहाट थाना पुलिस ने सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच कराने की बात कही है।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी जब पहली बार सत्ता में आईं, तब से बनर्जी शिक्षा और कृषि मंत्री भी रहे थे। उनके अचानक निधन से कई लोग स्तब्ध हैं और पार्टी कार्यालय के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि इस तरह की घटना हो सकती है। आशीष बनर्जी ने अगर आत्महत्या की है तो उन्होंने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया? पुलिस इस सवाल का जवाब तलाश रही है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि नोट मिलने से इसे सिर्फ सुइसाइड नहीं कहा जा सकता है। यह हत्या भी हो सकती है। मामला बेहद संवेदनशील है। पुलिस हर ऐंगल से केस की जांच करेगी।

TMC विधायक आशीष बनर्जी की मौत पर TMC नेता अब्बास हुसैन ने कहा कि करीब 7:15 बजे हमें खबर मिली कि आशीष दा ने आत्महत्या कर ली है। यह सुनकर हमें बहुत धक्का लगा। यह बहुत दुखद घटना है। उन्होंने ऐसा क्यों किया, यह तो भगवान ही जानते हैं। यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद ही सब कुछ साफ हो पाएगा।

बोलपुर के सांसद असित कुमार मल ने कहा कि यह असामान्य और असमय निधन सभी को बहुत दुख पहुंचा रहा है। न केवल बीरभूम में, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल में, जो लोग उन्हें जानते-पहचानते थे, वे सभी गहरे सदमे में हैं। अगर यह किसी प्राकृतिक बीमारी की वजह से हुआ होता, तो शायद लोग इस दुख को समझ पाते, लेकिन जिस तरह से यह हुआ है, उस पर यकीन करना मुश्किल है... मेरा मानना ​​है कि इस मामले की अच्छी तरह से जांच होनी चाहिए।