UP के 3.50 लाख वित्तविहीन शिक्षकों को बड़ी राहत, अब परिवार समेत मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज

 

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 3.50 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को बड़ी सौगात देने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर अब इन शिक्षकों को भी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत शिक्षक और उनके पात्र परिजनों को सालाना 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से बुधवार को योजना के लिए शिक्षकों के चयन और आवेदन प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। योजना की औपचारिक शुरुआत 26 जुलाई को आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए जाने की तैयारी है। इसी दिन प्रदेश के सभी जिलों में भी जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

ऑनलाइन करना होगा आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। आवेदन में शिक्षक को अपने और परिवार के सदस्यों का विवरण आधार कार्ड के अनुसार दर्ज करना होगा।

आवेदन की पहली स्तर पर जांच संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य करेंगे। शिक्षक की नियुक्ति नियमों के अनुरूप होने और उसके लगातार विद्यालय में कार्यरत होने की पुष्टि के बाद आवेदन को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के पास भेजा जाएगा। डीआईओएस स्तर पर सत्यापन और अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षक को योजना का लाभ मिल सकेगा।

यदि कोई शिक्षक विद्यालय छोड़ देता है तो संबंधित प्रधानाचार्य को इसकी सूचना तत्काल डीआईओएस को देनी होगी। इसके बाद उस शिक्षक का नाम योजना से हटा दिया जाएगा।

25 हजार स्कूलों के शिक्षकों को मिलेगा फायदा

उत्तर प्रदेश में करीब 25 हजार वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय हैं, जहां लगभग 3.50 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। योजना के विस्तार से इन शिक्षकों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च की चिंता से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

इससे पहले सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ मिल रहा था। अब वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों को भी इसके दायरे में लाने की तैयारी है।

हर जिले में होगा कार्यक्रम, लाभार्थियों को दिए जाएंगे कार्ड

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर कार्यक्रम की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

जिला स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित शिक्षण संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। मुख्य कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक जिले से 20-20 लाभार्थियों को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मंच पर कैशलेस कार्ड वितरित किए जाने की योजना है।

सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र शिक्षकों को योजना से जोड़ना है, ताकि प्रदेश के वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सके।