दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में बड़ा अपडेट, जावेद अहमद सिद्दीकी की जमानत याचिका पर सुनवाई टली..अगली तारीख का इंतजार...

Red Fort Blast Case Hearing: जावेद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने 18 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था. फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी लाल किला ब्लास्ट के बाद से ही जांच एजेंसियों के रडार पर था. लाल किला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार तीन डॉक्टरों का संबंध अल फलाह यूनिवर्सिटी से पाया गया, जिसके बाद इस यूनिवर्सिटी के खिलाफ जांच शुरु की गई. ईडी ने जावेद को टेरर फंडिंग और मनी लांड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था.
 

Red Fort Blast Case Hearing: लाल किला ब्लास्ट मामले में आरोपी जावेद अहमद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई को अदालत ने टाल दिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई की नई तारीख 20 अप्रैल को तय की गई है. एडिशनल सेशंस जज शीतला चौधरी प्रधान ने यह आदेश दिया है. इस मामले में ईडी ने 11 अप्रैल को अपना जवाब दाखिल किया था.

क्या है मामला?

यह मामला राष्ट्रीय राजधानी में हुए लाल किला ब्लास्ट से जुड़ा हुआ है, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कई संदिग्धों की गिरफ्तारी की गई थी। जावेद अहमद सिद्दीकी भी इस केस में आरोपी हैं और फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. दरअसल, पहले साकेत कोर्ट ने सिद्दीकी को अंतरिम जमानत दी थी. इस आदेश को ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने 1 अप्रैल को अपने आदेश में साकेत कोर्ट को निर्देश दिया कि वो सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका पर नये सिरे से विचार करें.

साकेत कोर्ट ने 7 मार्च को सिद्दीकी को अपनी पत्नी के कीमोथेरेपी के लिए दो हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी. सिद्दीकी की पत्नी का कीमोथेरेपी 12 मार्च होना था. हाईकोर्ट ने कहा कि सिद्दीकी की पत्नी का कीमोथेरेपी की डेट निकल गई है. ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी नए स्टेटस रिपोर्ट देखकर नए सिरे से फैसला करें.

बता दें कि जावेद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने 18 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था. फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी लाल किला ब्लास्ट के बाद से ही जांच एजेंसियों के रडार पर था. लाल किला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार तीन डॉक्टरों का संबंध अल फलाह यूनिवर्सिटी से पाया गया, जिसके बाद इस यूनिवर्सिटी के खिलाफ जांच शुरु की गई. ईडी ने जावेद को टेरर फंडिंग और मनी लांड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था.

ईडी ने 16 जनवरी को जावेद अहमद सिद्दीकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच की ओर से दो एफआईआर दर्ज होने के बाद ईडी ने अपनी जांच शुरु की थी. एफआईआर में कहा गया है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने झूठी सूचना दी कि उसे नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (एनएएसी) की ओर से मान्यता मिल चुकी है. ईडी ने कहा है कि उसने मनी लांड्रिंग कानून के तहत अल फलाह यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को अनौपचारिक तौर पर जब्त कर लिया है.

बता दें कि लालकिला के पास 10 नवंबर को आई20 कार में ब्लास्ट हुआ था. ये कार आमिर रशीद अली के नाम पर थी. इस ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हुई थी और 32 लोग घायल हो गए थे. यूजीसी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायत दर्ज की है, जिसके बाद क्राईम ब्रांच ने जावेद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था. यूजीसी की शिकायतों के बाद दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच ने जावेद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया था.