पश्चिम बंगाल में मौसम का बड़ा खतरा! निम्न दबाव से तेज बारिश और तूफान का अलर्ट
West Bengal Weather Update: पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र, अलीपुर (कोलकाता) ने 9 सितंबर 2026 को Special Bulletin No. 4 जारी कर राज्य में बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश तट पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके प्रभाव से 10 सितंबर को उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है।
इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
10 सितंबर को बनेगा निम्न दबाव, बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
IMD के अनुसार, उत्तर बंगाल की खाड़ी में बनने वाला निम्न दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में पश्चिम बंगाल के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
दक्षिण बंगाल में 9 से 11 सितंबर के दौरान गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रह सकती है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम, पुरुलिया और दक्षिण 24 परगना में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
इन इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
30-50 KM की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं
दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में 9 से 11 सितंबर के दौरान आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
विशेष रूप से पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
लोगों को आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर बंगाल में भी बारिश और आंधी का असर
दक्षिण बंगाल के साथ-साथ उत्तर बंगाल के कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, कूचबिहार और अलीपुरदुआर में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इन इलाकों में हवा की रफ्तार करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी हो सकती है।
मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने की सख्त सलाह
उत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव बनने की संभावना को देखते हुए समुद्री परिस्थितियां खराब रहने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों के साथ उत्तर बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, समुद्र में हवाओं की रफ्तार 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जो बढ़कर करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठने और स्थिति खराब होने की आशंका है।
इसी वजह से मछुआरों को 9 से 11 सितंबर 2026 तक पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट तथा उत्तर बंगाल की खाड़ी में समुद्र के भीतर नहीं जाने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश से जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा
लगातार बारिश के कारण पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। भारी बारिश से खड़ी फसलों और बागवानी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
शहरी इलाकों में जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित होने से कुछ जगहों पर यातायात पर भी असर पड़ सकता है।
बिजली गिरने के दौरान बरतें सावधानी
गरज-चमक और वज्रपात के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग की सलाह के मुताबिक:
- खुले मैदान में जाने से बचें।
- बिजली चमकने के दौरान पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े न हों।
- कच्चे और कमजोर मकानों से दूर रहें।
- संभव हो तो गरज-चमक के दौरान पक्के और सुरक्षित भवन के अंदर रहें।
- समुद्र और जलाशयों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं।
West Bengal Weather Alert: एक नजर में
- निम्न दबाव बनने की संभावना: 10 सितंबर 2026
- प्रभावित क्षेत्र: पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाके
- भारी बारिश वाले जिले: पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम, पुरुलिया, दक्षिण 24 परगना
- भारी बारिश: 7-11 सेमी तक
- तेज हवाएं: 30-50 KM प्रति घंटा
- समुद्र में हवा: 35-45 KM प्रति घंटा, झोंकों में 55 KM तक
- मछुआरों के लिए सलाह: 9-11 सितंबर तक समुद्र में न जाएं
- मुख्य खतरे: भारी बारिश, जलभराव, वज्रपात और तेज हवाएं