संदेशखाली-बासंती से हथियार और विस्फोटक मिलने पर भाजपा का हमला, शुभेंदु अधिकारी ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
Kolkata: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली और दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती इलाके में विस्फोटक सामग्री और हथियारों की बरामदगी को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari ने आरोप लगाया है कि इन इलाकों में बरामद हथियार और विस्फोटक आम लोगों को डराने तथा राजनीतिक प्रभाव बनाए रखने के लिए छिपाकर रखे गए थे.
भाजपा नेता ने दावा किया कि हाल के दिनों में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की कार्रवाई के दौरान जिन स्थानों से हथियार, बम बनाने की सामग्री और विस्फोटक बरामद किए गए हैं, वे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress के संरक्षण में ऐसे नेटवर्क पनपे हैं, जिनका उपयोग राजनीतिक विरोधियों और स्थानीय लोगों को भयभीत करने के लिए किया जाता रहा है.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बताया कि सुरक्षा बलों ने राज्य के 2 बेहद संवेदनशील जिलों में व्यापक छापेमारी कर अवैध आग्नेयास्त्रों, देसी बमों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया है.
सरकार के संरक्षण में जमा किये गये थे हथियार
मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि ये हथियार किसी सामान्य अपराधी के नहीं, बल्कि पिछली सरकार के संरक्षण में सालों से जमा किये गये वो हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल आम नागरिकों और विपक्षी कार्यकर्ताओं को आतंकित करने के लिए किया जाता था.
कहां-कहां मिला हथियारों का जखीरा?
सुरक्षा बलों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर हुई यह छापेमारी मुख्य रूप से उन इलाकों में केंद्रित थी, जो लंबे समय से राजनीतिक हिंसा के केंद्र बने हुए थे.
- दक्षिण 24 परगना जिले के कुमराखाली और बासंती इलाके के सरबेरिया बाजार के पास सुरक्षा बलों ने जमीन खोदकर भारी मात्रा में छिपे हुए अवैध आग्नेयास्त्र और कारतूस बरामद किये हैं.
- उत्तर 24 परगना का संदेशखाली खौफ और प्रताड़ना के लिए देश भर में कुख्यात हो चुका है. इसी संदेशखाली के अलग-अलग गुप्त ठिकानों पर भी सुरक्षा बलों ने एक साथ दबिश दी, जहां से शांति भंग करने के इरादे से छिपाकर रखे गये घातक आधुनिक हथियार मिले हैं.
बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ममता बनर्जी सरकार के कारनामों को उजागर किया. उन्होंने लिखा-पिछले शासनकाल में वर्षों तक अवैध हथियारों का भंडारण सुनियोजित तरीके से किया गया था. इसका एकमात्र मकसद राज्य में तानाशाही चलाना और लोकतंत्र की आवाज को दबाना था. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की इसी ‘हिंसा की संस्कृति’ और खूनी राजनीति के कारण बंगाल में कई विपक्षी कार्यकर्ताओं, विशेषकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निर्दोष कार्यकर्ताओं को अपनी जान गंवानी पड़ी.
दक्षिण 24 परगना के दक्षिण बामुनिया गांव में 19 मार्च को देसी बम विस्फोट हुआ था. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी और 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे. ब्लास्ट के मुख्य संदिग्ध और टीएमसी के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को एनआईए द्वारा दबोचे जाने के ठीक बाद यह बरामदगी हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि अब पश्चिम बंगाल की पवित्र धरती से आपराधिक गतिविधियों और राजनीतिक आतंकवाद का पूरी तरह सफाया किया जायेगा. राज्य में कानून का राज, शांति, सुरक्षा और वास्तविक लोकतंत्र हर हाल में कायम रहेगा.