अखिलेश यादव की बेटी पर आपत्तिजनक पोस्ट से सियासी बवाल, बीजेपी विधायक ने जताई नाराजगी, साइबर सेल ने दर्ज किया केस

 
UP News: सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव की बेटी को लेकर कथित तौर पर प्रसारित आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ-साथ प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी नेता के परिवार, खासकर बेटियों को निशाना बनाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि सामाजिक मर्यादाओं के भी खिलाफ है।

राजेश्वर सिंह ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर परिवार के सदस्यों के खिलाफ झूठी और अपमानजनक सामग्री प्रसारित करना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करता है। उन्होंने प्रशासन और साइबर सेल से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा

इस मामले में Samajwadi Adhivakta Sabha के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता प्रवीण यादव ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत सौंपी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में अखिलेश यादव की बेटी के बारे में कथित रूप से झूठे और तथ्यहीन दावे किए गए, साथ ही एक संपादित तस्वीर भी पोस्ट की गई।

शिकायत के आधार पर साइबर सेल ने भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह और विनोद कुमार यादव के खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता और स्रोत की जांच की जा रही है।

महिला आयोग ने भी जताई चिंता

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए Vijaya K Rahatkar ने कहा कि किसी भी बेटी या महिला के सम्मान से जुड़ा मामला गंभीर है। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय महिला आयोग को औपचारिक शिकायत प्राप्त होती है तो आयोग मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों की गरिमा की रक्षा समाज और संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक या भ्रामक सामग्री प्रसारित करना स्वीकार्य नहीं हो सकता।

सोशल मीडिया की भूमिका पर उठे सवाल

इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और व्यक्तिगत हमलों को लेकर भी बहस तेज हो गई है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला अब साइबर जांच एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के दायरे में पहुंच चुका है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित सोशल मीडिया खातों की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।