BRICS Summit 2026: पुतिन पहुंचे दिल्ली, अब जिनपिंग-पेजेशकियन की बारी! जानें कौन कब आएगा, जानें पूरा शेड्यूल

BRICS SUMMIT 2026:  भारत में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए दुनिया के प्रमुख नेताओं का दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 11 सितंबर को भारत पहुंच चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है. अब सबकी नजरें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के आगमन पर हैं...
 

BRICS SUMMIT 2026: राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए दुनिया के कई बड़े नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों का भारत पहुंचना शुरू हो गया है। सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ आमंत्रित देशों और प्रमुख वैश्विक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

विदेशी मेहमानों का भारत पहुंचने का सिलसिला 10 सितंबर की रात से शुरू हो गया है और 12 सितंबर तक जारी रहेगा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा समेत कई शीर्ष नेता सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं।

10 सितंबर की रात भारत पहुंचे ब्राजील के विदेश मंत्री

कार्यक्रम के अनुसार ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा 10 सितंबर की रात करीब 9:50 बजे दिल्ली के IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पहुंचे।

इसके बाद 11 सितंबर की सुबह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का विमान पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा। पुतिन के बाद WHO के डायरेक्टर-जनरल डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस भी सुबह करीब 4:10 बजे दिल्ली पहुंचे।

इसके अलावा AIIB की प्रेसिडेंट जू जियायी और उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन के भी दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम रहा।

11 सितंबर को कई बड़े नेताओं का आगमन

11 सितंबर को दिल्ली में विदेशी मेहमानों के पहुंचने का सिलसिला और तेज होगा। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के भारत पहुंचने का कार्यक्रम है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस दोपहर करीब 1:25 बजे IGI एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की प्रेसिडेंट और ब्राजील की पूर्व राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ के करीब 2 बजे पहुंचने की जानकारी दी गई है।

इसी दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के भी पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचने का कार्यक्रम है। नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा के दोपहर करीब 2:45 बजे दिल्ली पहुंचने की जानकारी दी गई है।

शाम को मिस्र, UAE और मलेशिया के नेता पहुंचेंगे

11 सितंबर की शाम भी दिल्ली में विदेशी नेताओं का आगमन जारी रहेगा।

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी शाम करीब 5:35 बजे पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेंगे। इसके बाद अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के भारत पहुंचने का कार्यक्रम है।

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम शाम करीब 6:40 बजे दिल्ली पहुंचेंगे। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के रात करीब 7:30 बजे पहुंचने की जानकारी है।

इसके बाद बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्टे नदिशिमीये और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के क्रमशः रात 8:45 बजे और 9 बजे पहुंचने का कार्यक्रम है। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर रात करीब 10 बजे दिल्ली पहुंचेंगे।

क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पारिला और WTO की डायरेक्टर-जनरल न्गोजी ओकोंजो-इवेला के भी दिल्ली पहुंचने की जानकारी दी गई है।

12 सितंबर को शी जिनपिंग समेत कई नेताओं का आगमन

12 सितंबर की सुबह भी विदेशी प्रतिनिधियों के भारत पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रायज़ेनकोव के दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम है।

इसके बाद वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग सुबह करीब 11:05 बजे पहुंचेंगे। सम्मेलन के सबसे महत्वपूर्ण आगमन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का नाम शामिल है।

कार्यक्रम के मुताबिक शी जिनपिंग 12 सितंबर को दोपहर करीब 12:25 बजे पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेंगे।

इसके बाद बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल ज़यानी, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायेव और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के भारत पहुंचने का कार्यक्रम है।

BRICS Summit 2026 क्यों है खास?

18वां BRICS शिखर सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब पिछले कुछ वर्षों में संगठन का दायरा काफी बढ़ा है। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, विकास, सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के अलावा आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भागीदारी भी होगी। इससे वैश्विक स्तर पर आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का दायरा बढ़ेगा।

रूस, चीन, ईरान, मिस्र, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया जैसे देशों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी इस सम्मेलन को भारत के लिए कूटनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बनाती है। सम्मेलन के दौरान भारत के विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की भी उम्मीद है।