बजट भाषण में समावेशी विकास पर जोर, निर्मला सीतारमण ने गिनाए अर्थव्यवस्था के 6 मजबूत स्तंभ

 
New Delhi: संसद भवन में रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश करते हुए साफ कर दिया कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। अपने बजट भाषण की शुरुआत में ही उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य “महत्वाकांक्षाओं को हकीकत में बदलना” है और यह सुनिश्चित करना है कि विकास का फायदा किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, युवा और गरीब तबकों तक समान रूप से पहुंचे।

वित्त मंत्री ने बताया कि देश की आर्थिक रफ्तार को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार ने छह अहम क्षेत्रों को आधार बनाया है। इन्हीं छह स्तंभों के जरिए आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जाएगी।

मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा नया बल

पहले स्तंभ के रूप में सीतारमण ने विनिर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत को अपने उद्योगों को सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना होगा। इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और गति मिलेगी।

परंपरा और विरासत भी रहेंगी केंद्र में

दूसरे स्तंभ में वित्त मंत्री ने देश की परंपरा और विरासत को संरक्षित रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और पारंपरिक अर्थव्यवस्था को भी आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि गांवों और पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को लाभ मिल सके।

एमएसएमई होंगे आत्मनिर्भर भारत की ताकत

तीसरे स्तंभ के तहत ‘चैम्पियन एमएसएमई’ बनाने पर जोर दिया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे और मझोले उद्योग रोजगार सृजन की रीढ़ हैं। सरकार इन्हें नीति, पूंजी और बाजार तीनों स्तर पर मजबूत करेगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर नीतियों पर फोकस

चौथे और पांचवें स्तंभ में मजबूत बुनियादी ढांचे और स्थिर नीति वातावरण को जरूरी बताया गया। उन्होंने कहा कि सड़कों, रेल, ऊर्जा और डिजिटल ढांचे के बिना तेज और टिकाऊ विकास संभव नहीं है।

शहर बनेंगे आर्थिक इंजन

छठे और अंतिम स्तंभ के रूप में सिटी इकोनॉमिक ज़ोन विकसित करने की घोषणा की गई। इसके जरिए शहरों को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाकर रोजगार और निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

आपको बता दें कि, यह बजट सिर्फ आर्थिक योजनाओं का दस्तावेज नहीं है, बल्कि सरकार के उस इरादे को दिखाता है, जिसमें विकास के साथ सामाजिक न्याय और सभी वर्गों की भागीदारी को बराबर महत्व दिया गया है।