तृणमूल नेता के ऑफिस पर चला बुलडोजर, कार्रवाई के बाद गरमाई सियासत

Bulldozer: कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ईसीएल के अधिकारी, पुलिस बल और प्रशासनिक टीम मौके पर मौजूद रही. बुलडोजर से कार्यालय के अवैध हिस्से को ध्वस्त किया गया. इस दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. इसीएल का दावा है कि यह निर्माण उसकी भूमि पर किया गया था.
 

Bulldozer: पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा से जुड़े क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता विनोद नोनिया के कार्यालय पर ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) ने बुलडोजर कार्रवाई की. ईसीएल का दावा है कि संबंधित भवन उसकी जमीन पर अवैध रूप से बना हुआ था, इसलिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई.

कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ईसीएल के अधिकारी, पुलिस बल और प्रशासनिक टीम मौके पर मौजूद रही. बुलडोजर से कार्यालय के अवैध हिस्से को ध्वस्त किया गया. इस दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. इसीएल का दावा है कि यह निर्माण उसकी भूमि पर किया गया था. कड़ी सुरक्षा के बीच बुलडोजर के सहारे पूरे कार्यालय भवन को जमींदोज कर दिया गया. घटना के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा होती रही.

संबद्ध जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही थीं. कुछ दिन पहले राजनीतिक माहौल में बदलाव के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने इस कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया था. उस दौरान कार्यालय में तोड़फोड़ की गयी थी और वहां रखे गये फर्नीचर व अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया गया था. तब कार्यालय परिसर से कुछ दस्तावेज व मतदाता पहचान-पत्रों की प्रतियां मिलने की भी चर्चा हुई थी.

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में एक नयी बहस छिड़ गयी है. स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि निर्माण वास्तव में इसीएल की जमीन पर था, तो इतने वर्षों तक इसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. कई सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की मांग की है. फिलहाल इसीएल की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है, वहीं इसके राजनीतिक प्रभावों पर भी सुगबुगाहट तेज है.