CBSE ने जारी किया कड़ा निर्देश: CBSE ने स्कूलों को चेताया, LOC के नाम पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा, नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर होगी सीधी कार्रवाई

CBSE Strict Order to Schools: छात्रों और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को देखते हुए सीबीएसई ने बड़ा कदम उठाया है. बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि कक्षा 10 की सेकेंड बोर्ड परीक्षा के लिए लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (LOC) जमा करते समय किसी भी तरह की अतिरिक्त या अनधिकृत फीस नहीं ली जाएगी.
 

CBSE Strict Order to Schools: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने देशभर के संबद्ध स्कूलों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे LOC (List of Candidates) के नाम पर छात्रों और अभिभावकों से किसी भी तरह की अतिरिक्त फीस वसूलना तुरंत बंद करें. बोर्ड को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ स्कूल परीक्षा फॉर्म भरने, डेटा अपडेट करने और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के नाम पर मनमानी रकम वसूल रहे हैं.

CBSE ने क्यों जारी किया सख्त आदेश?

Central Board of Secondary Education (CBSE) के अनुसार, LOC प्रक्रिया पूरी तरह से बोर्ड द्वारा तय दिशा-निर्देशों के तहत होती है और इसके लिए स्कूलों को छात्रों से अलग से कोई शुल्क लेने की अनुमति नहीं है. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुल्क के अलावा कोई भी अतिरिक्त रकम लेना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.

क्या है LOC और विवाद की वजह?

LOC यानी List of Candidates वह प्रक्रिया है, जिसके तहत कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों का विवरण बोर्ड को भेजा जाता है. कई स्कूल इस प्रक्रिया को बहाना बनाकर:

  • डेटा एंट्री शुल्क
  • फॉर्म प्रोसेसिंग चार्ज
  • स्कूल प्रशासनिक शुल्क
    के नाम पर हजारों रुपये तक वसूल रहे थे, जिसकी शिकायतें CBSE तक पहुंचीं.

आदेश में क्या-क्या कहा गया?

CBSE द्वारा जारी निर्देश में साफ तौर पर कहा गया है कि:

  • LOC के नाम पर कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी
  • केवल वही शुल्क लिया जा सकता है, जो CBSE द्वारा अधिकृत और निर्धारित हो
  • नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
  • जरूरत पड़ने पर स्कूल की मान्यता पर भी असर पड़ सकता है

अभिभावकों और छात्रों को क्या करना चाहिए?

CBSE ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि:

  • यदि कोई स्कूल LOC या परीक्षा से जुड़े कामों के लिए अतिरिक्त फीस मांगता है, तो उसकी शिकायत करें
  • शिकायत CBSE की आधिकारिक वेबसाइट या ई-मेल के जरिए दर्ज कराई जा सकती है
  • फीस रसीद और लिखित प्रमाण सुरक्षित रखें

स्कूलों के लिए चेतावनी

बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि यदि भविष्य में इस तरह की शिकायतें दोबारा मिलती हैं, तो संबंधित स्कूल के खिलाफ:

  • नोटिस जारी किया जाएगा
  • जुर्माना लगाया जा सकता है
  • गंभीर मामलों में संबद्धता निलंबित या रद्द भी की जा सकती है

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर

CBSE का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है. इससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम होगा और स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी. CBSE का साफ कहना है कि शिक्षा को व्यापार न बनाएं और नियमों का पालन करें, वरना सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें.