CM योगी ने लोहिया संस्थान को दी दो टूक नसीहत, बोले- संसाधनों की कमी नहीं, अब खर्च न हुआ तो सवाल संस्थान पर उठेंगे

 

UP News: डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्थान की उपलब्धियों के साथ-साथ उसकी आगे की जिम्मेदारियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संस्थान की जरूरतों और मांगों को पूरा करने में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी गई है। अब संस्थान को उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करना होगा।

‘सरकार ने मांग पूरी करने में कोई कोताही नहीं बरती’

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान ने शासन के सामने जो भी जरूरतें रखीं, उन्हें पूरा करने का प्रयास किया गया है। आज संस्थान के पास संसाधनों की कमी नहीं है और सरकार उसकी मांग के अनुरूप सहयोग कर रही है।

उन्होंने साफ कहा कि जब शासन की ओर से संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, तो उनका समयबद्ध और सही इस्तेमाल भी संस्थान की जिम्मेदारी है।

‘संसाधन हैं, अब खर्च करने की क्षमता दिखानी होगी’

सीएम योगी ने अपने संबोधन में संस्थान को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि सरकार की ओर से संसाधन उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं है। यदि संस्थान अपनी जरूरत के मुताबिक मिली राशि और संसाधनों का उपयोग नहीं कर पाता है, तो इसके लिए शासन नहीं बल्कि संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठेंगे।

मुख्यमंत्री ने संस्थान से अपनी आगामी यात्रा की तैयारी अभी से करने को कहा, ताकि आने वाले समय में चिकित्सा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में इसे और मजबूत बनाया जा सके।

‘युवा वर्कफोर्स में है गति, तो प्रगति को कोई नहीं रोक सकता’

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नई पीढ़ी के सरकारी कर्मचारियों की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस समय करीब 16.5 लाख सरकारी कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 9.5 लाख नियुक्तियां वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुई हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह युवा कार्यबल नई ऊर्जा और गति के साथ काम कर रहा है। उनके मुताबिक जब व्यवस्था में गति आती है तो प्रगति की रफ्तार को रोकना मुश्किल होता है और इसके पीछे स्पष्ट नेतृत्व व विजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

संस्थान को अब अगली पारी के लिए तैयार होने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने स्थापना दिवस को संस्थान के लिए आत्ममंथन और आगे की दिशा तय करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी ओर से जरूरी सहयोग दे रही है, इसलिए अब संस्थान को उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग करते हुए अपनी क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने भरोसा जताया कि स्पष्ट लक्ष्य, युवा कार्यबल और पर्याप्त संसाधनों के साथ संस्थान आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकता है।