बाढ़ के बीच CM योगी का बड़ा ऐलान! ‘सरकार आपके द्वार’ पर अफसरों को सीधी चेतावनी

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक सरकारी मदद पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं सीधे पहुंचाई जाएं.

 

Uttar Pradesh: अतिवृष्टि से प्रभावित चित्रकूट का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के साथ-साथ फसल और मकानों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लोगों को नियमानुसार समय पर मुआवजा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को लगातार प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद रहकर लोगों की जरूरत के मुताबिक राहत उपलब्ध कराने को कहा गया है।

किसानों की फसल और मकानों के नुकसान का होगा सर्वे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सर्वे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके साथ ही पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी प्रभावित परिवारों को आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।

48 घंटे में राहत किट वितरण का लक्ष्य

राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शेष राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर प्रभावित लोगों तक हर हाल में पहुंचाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत सामग्री पहुंचाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

प्रशासन को प्रभावित परिवारों के बीच लगातार उपस्थित रहने और उनकी जरूरत के मुताबिक तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार उपलब्ध रहेंगी, ताकि बीमारी या किसी आपात स्थिति में लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।

मंदाकिनी नदी को लेकर CM योगी का विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस मामले में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद कर ठोस समाधान निकालने पर जोर दिया।

साथ ही मंदाकिनी नदी के घाटों के विस्तारीकरण के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में सीवर या नालों का गंदा पानी पवित्र मंदाकिनी नदी में नहीं जाना चाहिए।

पर्यटन, सिंचाई और नगर विकास विभाग को आपसी समन्वय से ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

फुट ओवर ब्रिज का होगा सेफ्टी ऑडिट

मंदाकिनी नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े सभी निर्माण कार्यों की सुरक्षा की नियमित जांच होनी चाहिए। किसी भी तरह की कमी मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

विजयादशमी से पहले एयरपोर्ट मार्ग पूरा करने का निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट धाम से एयरपोर्ट तक जाने वाले मार्ग का निर्माण कार्य विजयादशमी से पहले हर हाल में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय करने को कहा।

मुख्यमंत्री के निर्देशों से साफ है कि सरकार बाढ़ के तत्काल राहत कार्यों के साथ-साथ भविष्य में ऐसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक योजना पर भी काम कर रही है।

व्यापारियों और मठ-मंदिरों के नुकसान का भी होगा आकलन

चित्रकूट धाम में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित व्यापारियों, मठों और मंदिरों के नुकसान का भी आकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों और संस्थानों को नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

सरकार का जोर राहत वितरण के साथ पुनर्वास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी है, ताकि भविष्य में अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।