दंगाइयों पर CM योगी का सख्त संदेश, बोले- यूपी में अब अराजकता बर्दाश्त नहीं
UP Politics: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था, रामराज्य और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को लेकर अपनी सरकार का नजरिया सामने रखा। पीलीभीत के बीसलपुर में रामकथा के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब दंगा और दंगाइयों के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, रामराज्य का अर्थ केवल धार्मिक आस्था और पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा शासन है जहां हर नागरिक को सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर मिले।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसान, व्यापारी, महिलाएं और युवा सभी सुरक्षित महसूस करें, यही रामराज्य की मूल भावना है। उन्होंने वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय दंगे और अराजकता की स्थिति थी, जबकि अब प्रदेश में कानून का राज मजबूत हुआ है।
2017 से पहले के हालात का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की नजर में सभी नागरिक समान हैं और किसी के साथ भेदभाव या तुष्टीकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाते हुए कहा कि लोगों के मन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। उनके अनुसार, प्रदेश में ऐसा वातावरण होना चाहिए जहां हर व्यक्ति बिना डर के अपना काम कर सके।
रामकथा में संतों की मौजूदगी को बताया विशेष अवसर
बीसलपुर क्षेत्र के नूरानपुर गांव स्थित गोरक्ष पीठ आश्रम के शिव मंदिर परिसर में रामकथा का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कथा व्यास संत अंजलि शरण का अभिनंदन किया और मंच पर मौजूद देवीपाटन के मिथिलेश महाराज, हनुमानगढ़ी के राजू दास सहित अन्य संतों को प्रणाम किया।
योगी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में संतों का एकत्र होना विशेष अवसर है। उन्होंने इस आयोजन के नजारे की तुलना महाकुंभ से की।
अयोध्या में राम मंदिर और विकास कार्यों का किया उल्लेख
राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के लिए करीब 500 वर्षों तक संघर्ष हुआ। उन्होंने अतीत में रामभक्तों को अयोध्या जाने से रोके जाने और उन पर गोली चलाए जाने की बात भी कही।
योगी ने कहा कि अब अयोध्या की तस्वीर बदल रही है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी बेहतर हुई है तथा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
6 नवंबर को अयोध्या में होगा दीपोत्सव
मुख्यमंत्री ने छह नवंबर को छोटी दीपावली के अवसर पर अयोध्या में आयोजित होने वाले दीपोत्सव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान को दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। योगी के मुताबिक, संस्कृति और परंपराओं को सहेजना विकास की प्रक्रिया का भी अहम हिस्सा है।
काशी, मथुरा और धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब एक साथ हजारों लोग दर्शन कर सकते हैं। उन्होंने मथुरा-वृंदावन, बरेली की नाथ नगरी और लखीमपुर के धार्मिक कॉरिडोर का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल पर्यटन को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से भी जुड़ती है।
रामलीला और अखंड रामायण पाठ को बताया सांस्कृतिक विरासत
मुख्यमंत्री ने भारत की विविधता में एकता को देश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषा, पहनावे और खानपान के बावजूद देश की सांस्कृतिक चेतना लोगों को जोड़ती है। गांवों में फसल कटाई के बाद रामलीला और अखंड रामायण पाठ जैसी परंपराएं इसी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं।
महर्षि वाल्मीकि की रामायण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन का संदेश दिया गया है, जो आज भी प्रासंगिक है।
महंत शांतिनाथ महाराज को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत शांतिनाथ महाराज को श्रद्धांजलि दी और आश्रम के विकास में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि महंत शांतिनाथ महाराज वर्ष 1995-96 से आश्रम में रहकर इसके विकास के लिए काम कर रहे थे। आश्रम की स्वच्छता और आध्यात्मिक वातावरण की भी उन्होंने सराहना की।
समारोह में प्रदेश सरकार के मंत्री संजय गंगवार, एमएलसी सुधीर गुप्ता, विधायक बाबूराम पासवान और विवेक वर्मा, स्वामी प्रवक्तानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।