पंजाब को दहलाने की साजिश फेल: पटियाला रेलवे ट्रैक उड़ाने की कोशिश, Inter-Services Intelligence समर्थित मॉड्यूल के 4 सदस्य दबोचे गए
Patiala Punjab: पंजाब की पटियाला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने शंभू रेलवे स्टेशन के पास मुख्य लाइन पर देर रात आईईडी (IED) के जरिए किए गए धमाके और ट्रैक को उड़ाने की कोशिश की गुत्थी सुलझा ली है. इस मामले में पुलिस ने प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को गिरफ्तार किया है.
आपको बता दें, रात करीब 10 बजे हुए इस विस्फोट से ट्रैक को नुकसान पहुंचा और मौके से एक शव बरामद हुआ है. वरुण शर्मा के मुताबिक शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह पूर्ण धमाका नहीं बल्कि धमाके की कोशिश थी, जिसमें शामिल व्यक्ति की मौत हो गई. घटनास्थल से सिम कार्ड समेत कई अहम सबूत मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है. फोरेंसिक टीम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं. इस घटना में किसी अन्य के हताहत होने की खबर नहीं है. रेलवे ने ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है.
इन आरोपियों के पास से एक हैंड ग्रेनेड, दो .30 बोर पिस्टल, गोला-बारूद, लैपटॉप और धमाकों के लिए इस्तेमाल होने वाले संचार उपकरण बरामद हुए हैं, पकड़े गए सभी आरोपी अपराधी हैं और उनके खिलाफ पहले से ही कई जघन्य मामले दर्ज हैं. डीआईजी पटियाला रेंज कुलदीप चहल और एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि यह मॉड्यूल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और संपत्तियों पर और भी हमले करने की योजना बना रहा था.
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना प्रदीप सिंह खालसा मलेशिया स्थित प्रो-खालिस्तानी आतंकियों और पाकिस्तान के हथियार सप्लायरों के सीधे संपर्क में था. प्रदीप सिंह खालसा कट्टरपंथी युवाओं को आतंकी ट्रेनिंग के लिए मलेशिया भेजता था और वहां से लौटने के बाद उन्हें आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का काम सौंपता था. उसने 'चलता वहीर चक्रवर्ती, अटारिए' नाम से एक कट्टरपंथी संगठन भी बनाया हुआ था. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि वे राज्य में बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की फिराक में थे.