भीषण गर्मी के बीच AC हादसों पर CTI अलर्ट, दुकानदारों को वायरिंग और सर्विसिंग पर विशेष ध्यान देने की सलाह
National: देशभर में बढ़ती गर्मी और एयर कंडीशनर (AC) ब्लास्ट की घटनाओं के बीच Confederation of All India Traders (CTI) ने व्यापारियों और दुकानदारों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. संगठन ने दुकानों, शोरूम और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में AC के सुरक्षित उपयोग पर जोर दिया है.
CTI ने कहा कि लगातार लंबे समय तक AC चलाने, खराब वायरिंग, ओवरलोड और समय पर सर्विसिंग न होने के कारण आग लगने और ब्लास्ट जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. संगठन ने व्यापारियों को बिजली उपकरणों की नियमित जांच कराने और सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह दी है.
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने दिल्ली की सभी 768 मार्केट्स एसोसिएशन और 56 इंडस्ट्रीज एसोसिएशन्स को आधिकारिक पत्र लिखकर अपने-अपने क्षेत्रों में एसी की तुरंत जांच कराने का निर्देश दिया है. उन्होंने दिल्ली के करीब 20 लाख व्यापारियों और दुकानदारों से सतर्क रहने की अपील की है. गोयल का कहना है कि हालांकि एसी ब्लास्ट की घटनाएं दुर्लभ हैं, लेकिन जब ये होती हैं, तो इनका परिणाम बेहद विनाशकारी होता है.
क्यों होते हैं AC में धमाके?
CTI ने एसी ब्लास्ट के पांच प्रमुख कारणों की पहचान की है, जो अक्सर लापरवाही या तकनीकी खामियों से जुड़े होते हैं.
- रेफ्रिजरेंट गैस का रिसाव: एसी में उपयोग होने वाली R32, R290 या R22 जैसी गैसें यदि पाइप लाइन में लीक हो जाएं और पास में वायरिंग के लूज कनेक्शन से कोई चिंगारी उठे, तो यह धमाके का कारण बन सकती है.
- सस्ती और गलत गैस: कई बार पैसे बचाने के चक्कर में अनट्रेंड मैकेनिक एसी में एलपीजी या अन्य ज्वलनशील सस्ती गैस भर देते हैं, जिसके लिए सिस्टम नहीं बना होता. अत्यधिक प्रेशर के कारण कंप्रेसर फट जाता है.
- कंप्रेसर का ओवरहीट होना: फिल्टर गंदे होने या कंडेंसर कॉइल में मिट्टी जमने से कंप्रेसर पर अत्यधिक लोड पड़ता है. यह 200°C से अधिक गर्म होकर फट सकता है.
- इलेक्ट्रिकल फॉल्ट: लूज वायरिंग या वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से शॉर्ट सर्किट होना एक आम समस्या है. शॉर्ट सर्किट से निकलने वाली चिंगारी लीक हो रही गैस को आग का गोला बना देती है.
- वैक्यूम न करना: गैस रिफिलिंग के दौरान सिस्टम को वैक्यूम करना अनिवार्य है. यदि सिस्टम में हवा या नमी रह जाए, तो ऑक्सीजन और गैस का मिश्रण किसी भी समय घातक धमाका कर सकता है.
बचाव के उपाय: '500 रुपये की बचत, जान पर भारी
CTI ने व्यापारियों को नसीहत दी है कि चंद रुपये बचाने के चक्कर में किसी अनाड़ी टेक्नीशियन से मरम्मत न करवाएं. बचाव के लिए अपील की है कि हमेशा कंपनी अधिकृत या ट्रेंड टेक्नीशियन से ही सर्विस करवाएं और बिल जरूर लें. एसी की वेल्डिंग के दौरान गैस को पूरी तरह निकाल देना सुनिश्चित करें. आउटडोर यूनिट के पास कचरा, तेल या कोई भी ज्वलनशील सामग्री न रखें. यदि एसी से जलने की बदबू आए, असामान्य आवाज सुनाई दे या कूलिंग कॉइल पर बर्फ जमे, तो तुरंत उसे बंद कर एमसीबी से पावर सप्लाई काट दें. गर्मियों में होने वाले 90 फीसद एसी ब्लास्ट गलत गैस भरने या लापरवाही से की गई मरम्मत का परिणाम होते हैं. CTI की यह एडवाइजरी न केवल व्यापारियों के लिए बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए एक चेतावनी है जो अपने घरों और दुकानों में एसी का उपयोग कर रहे हैं.