Cyclone Alert: बंगाल की खाड़ी में तेज हुआ सिस्टम! 12 घंटे में Deep Depression, भारी बारिश का अलर्ट

Indian Weather:  बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और IMD के मुताबिक अगले 12 घंटों में इसके डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है. इसके 23-24 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट को पार करने का अनुमान है. इसके प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
 

Indian Weather:  बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और इसके और मजबूत होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन अगले कुछ घंटों में डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद इसके उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों की ओर बढ़ने का अनुमान है।

IMD के अनुसार, यह सिस्टम 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की शुरुआती घंटों के बीच विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को डीप डिप्रेशन के रूप में पार कर सकता है। इसके प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।

12 घंटे में डीप डिप्रेशन बनने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, 22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे डिप्रेशन पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में करीब 17.9°N अक्षांश और 86.0°E देशांतर के पास केंद्रित था। यह गोपालपुर से लगभग 200 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम से करीब 290 किलोमीटर पूर्व में था।

सिस्टम पिछले छह घंटों में लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ा। IMD ने इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अगले 12 घंटों के दौरान डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई है।

ओडिशा में भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट

इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। IMD के 22 सितंबर के चेतावनी अपडेट के अनुसार, राज्य में 22 सितंबर को बहुत भारी बारिश, जबकि 23 और 24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 25 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश और 26 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क किया गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए ओडिशा के कुछ जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के फैसले भी लिए गए हैं।

आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश का अनुमान

डीप डिप्रेशन के प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। IMD के तटीय मौसम बुलेटिन के अनुसार, उत्तर आंध्र तट पर कई स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। समुद्र की स्थिति भी खराब से बहुत खराब हो सकती है।

मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी सावधानी बरतने की सलाह जारी की है। उत्तर आंध्र के कई बंदरगाहों पर स्थानीय चेतावनी संकेत भी लगाए गए हैं।

क्या बनेगा 'अर्णब' नाम का चक्रवात?

अगले संभावित चक्रवात का नाम 'अर्णब' रखा गया है। यह नाम बांग्लादेश की ओर से क्षेत्रीय चक्रवात नामकरण सूची में दिया गया है। हालांकि, मौजूदा मौसम प्रणाली को लेकर फिलहाल IMD ने इसे चक्रवाती तूफान घोषित नहीं किया है। अभी इसका वर्गीकरण डिप्रेशन के रूप में है और इसके डीप डिप्रेशन बनने का अनुमान है।

इसलिए फिलहाल इसे सीधे 'चक्रवात अर्णब' कहना जल्दबाजी होगी। सिस्टम की आगे की तीव्रता के आधार पर ही इसकी स्थिति स्पष्ट होगी।

तेलंगाना में भी अगले दिनों भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी के इस सिस्टम का प्रभाव व्यापक क्षेत्र में देखने को मिल सकता है। तेलंगाना में भी अगले चार से पांच दिनों के दौरान भारी और कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर मौसम विभाग ने अलग-अलग इलाकों के लिए येलो और ऑरेंज चेतावनी जारी की है।

22 और 23 सितंबर को तेलंगाना के कुछ पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और प्रशासन को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

अभी चक्रवाती तूफान नहीं है सिस्टम

मौसम प्रणाली की तीव्रता को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन को सीधे चक्रवाती तूफान नहीं कहा जाता। IMD मौसम प्रणालियों को उनकी संरचना और अधिकतम लगातार हवा की गति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत करता है।

फिलहाल बंगाल की खाड़ी का सिस्टम डीप डिप्रेशन की ओर बढ़ रहा है। अगले कुछ घंटों में इसकी तीव्रता और दिशा पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है। 23-24 सितंबर को इसके आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट के पास पहुंचने के दौरान भारी बारिश और खराब समुद्री परिस्थितियों को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी होगी।