ACB के विरोध के बावजूद सत्येंद्र जैन को जमानत, कोर्ट के फैसले से बदला केस का रुख

Satyendar Jain Bail: दिल्ली जल बोर्ड की STP परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में AAP नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को बड़ी राहत मिली है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 2 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी. ACB ने जमानत का विरोध करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए थे. वहीं, बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी में देरी और दस्तावेजी साक्ष्यों का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी. 
 

New Delhi: दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुके आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की STP परियोजनाओं से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 2 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी है।

सत्येंद्र जैन पर दिल्ली जल बोर्ड की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के आरोप हैं। इस मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) कर रही है।

18 अगस्त को ACB ने किया था गिरफ्तार

सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड की STP परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले में 18 अगस्त 2026 को ACB ने गिरफ्तार किया था।

उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इससे पहले 19 अगस्त को अदालत ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने से इनकार कर दिया था। अब जमानत मिलने के बाद उन्हें इस मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है।

सत्येंद्र जैन के वकील ने क्या दलील दी?

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने दलील दी कि गिरफ्तारी मामले के दर्ज होने के करीब 27 महीने बाद की गई।

वकील के मुताबिक, इस अवधि के दौरान सत्येंद्र जैन को केवल एक बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जब उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामले से जुड़ी सामग्री मुख्य रूप से दस्तावेजी है और जांच एजेंसियां संबंधित दस्तावेज पहले ही अपने कब्जे में ले चुकी हैं। ऐसे में हिरासत में रखे जाने की जरूरत नहीं है।

ACB ने जमानत का किया विरोध

वहीं, भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका का विरोध किया। ACB ने अदालत के समक्ष दावा किया कि सत्येंद्र जैन 'आदतन अपराधी' हैं और जमानत पर फैसला करते समय इस पहलू को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

जांच एजेंसी ने मामले की जांच और आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत नहीं देने की मांग की थी।

ACB की ओर से लगाए गए ये आरोप जांच एजेंसी का पक्ष हैं। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

मई 2024 में दर्ज हुआ था मामला

दिल्ली जल बोर्ड STP मामले में FIR मई 2024 में दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी।

मामले में दिल्ली जल बोर्ड की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजनाओं के अपग्रेडेशन से जुड़े ठेकों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार, टेंडर की शर्तों में कथित हेरफेर, आपराधिक साजिश और संदिग्ध रिश्वत भुगतान जैसे आरोप मामले का हिस्सा हैं।

अब जमानत के बाद आगे क्या?

राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सत्येंद्र जैन को तत्काल कानूनी राहत मिली है। हालांकि, जमानत का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। STP टेंडर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।

अब इस मामले में जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और अदालत में होने वाली अगली सुनवाई पर नजर रहेगी।