ग्रीन लाइन पर दौड़ेगी ड्राइवरलेस मेट्रो, CRS की मंजूरी के बाद जल्द शुरू होगी Hi-Tech सेवा

Kolkata: ग्रीन लाइन पर चलने वाली ये अत्याधुनिक मेट्रो ट्रेनें Communication-Based Train Control (CBTC) और Grade of Automation-4 (GoA-4) तकनीक से लैस हैं. ट्रेन का संचालन पूरी तरह ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए होगा और इसका नियंत्रण सॉल्ट लेक स्थित ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) से किया जाएगा.
 

Kolkata: कोलकाता मेट्रो यात्रियों को जल्द ही बिना ड्राइवर (Driverless) मेट्रो का अनुभव मिलने वाला है. कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) ने ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (ग्रीन लाइन) पर ड्राइवरलेस मेट्रो संचालन के लिए सुरक्षा मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के बाद शहर में स्वचालित मेट्रो सेवा शुरू करने का रास्ता लगभग साफ हो गया है.

ग्रीन लाइन पर चलने वाली ये अत्याधुनिक मेट्रो ट्रेनें Communication-Based Train Control (CBTC) और Grade of Automation-4 (GoA-4) तकनीक से लैस हैं. ट्रेन का संचालन पूरी तरह ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए होगा और इसका नियंत्रण सॉल्ट लेक स्थित ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) से किया जाएगा. हालांकि शुरुआती दिनों में यात्रियों के भरोसे और सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन में एक ऑपरेटर मौजूद रहेगा.

मेट्रो सूत्रों के अनुसार, सीआरएस ने निरीक्षण के विभिन्न पहलुओं की जांच-पड़ताल करने के बाद ड्राइवरलेस मेट्रो परिचालन के लिए क्लियरेंस दे दिया है. हालांकि, मेट्रो रेलवे की ओर से इस संबंध में आधिकारिक जानकारी अभी जारी नहीं की गयी है. चालक रहित मेट्रो सेवा की शुरुआत फिलहाल ग्रीन लाइन के हावड़ा मैदान-सेक्टर फाइव रूट पर होने की संभावना है. पिछले रविवार को हावड़ा मैदान से सॉल्टलेक सेक्टर फाइव तक बिना ड्राइवर के मेट्रो का टेस्ट रन और सुरक्षा निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया गया था.

रविवार को हावड़ा मैदान से सेक्टर फाइव तक एक रेक का संचालन किया गया. हालांकि मेट्रो बिना ड्राइवर की मदद के चली, लेकिन सुरक्षा कारणों से ड्राइवर केबिन में मौजूद था. इस दौरान सीआरएस के अधिकारियों के साथ मेट्रो रेलवे के परिचालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. ड्राइवरलेस मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद कोलकाता देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जायेगा, जहां पूरी तरह स्वचालित मेट्रो परिचालन की सुविधा उपलब्ध होगी.

ग्रीन लाइन हावड़ा मैदान से साल्ट लेक सेक्टर-V तक चलती है और हुगली नदी के नीचे बने देश के पहले अंडरवॉटर मेट्रो सेक्शन से होकर गुजरती है. सफल ट्रायल और सुरक्षा निरीक्षण के बाद अब नियमित ड्राइवरलेस परिचालन शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. रिपोर्टों के अनुसार, अगले कुछ सप्ताह के भीतर इस सेवा की शुरुआत हो सकती है.

ड्राइवरलेस मेट्रो सेवा शुरू होने के साथ ही कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु के बाद देश के उन प्रमुख शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां अत्याधुनिक स्वचालित मेट्रो तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस नई व्यवस्था से परिचालन अधिक सटीक, सुरक्षित और समयबद्ध होने की उम्मीद है.