Durga Puja 2026: बंगाल में ऐसे याद किए जा रहे उत्तम कुमार, कहीं दुर्लभ तस्वीरें तो कहीं 201 फिल्मों के पोस्टर!

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान इस बार महान अभिनेता उत्तम कुमार की यादों को खास अंदाज में जीवंत किया जा रहा है. कहीं उनकी दुर्लभ तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया है, तो कहीं उनकी फिल्मों के 201 पोस्टरों के जरिए उनके शानदार सिनेमाई सफर को याद किया जा रहा है. पूजा पंडालों में सजी ये झलकियां बंगाली सिनेमा के इस महानायक के प्रति लोगों के लगाव और उनकी अमिट विरासत को दर्शाती हैं.
 

Kolkata:  पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा इस बार बांग्ला सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार की यादों के नाम भी रही। अभिनेता की जन्म शताब्दी के अवसर पर कोलकाता के कई पूजा पंडालों को उनकी जिंदगी और फिल्मी सफर से जोड़कर सजाया गया। कहीं उनके बचपन और परिवार की दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित की गईं, तो कहीं पुराने सिनेमाघर जैसा माहौल बनाकर उनकी लोकप्रिय फिल्मों के पोस्टर, गीत और संवाद लोगों के सामने पेश किए गए। इन आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को बांग्ला सिनेमा की समृद्ध विरासत से परिचित कराने की कोशिश की गई।

भवानीपुर में बचपन की यादों के बीच सजेगा पूजा पंडाल

भवानीपुर महापूजा समिति ने अपने 82वें आयोजन की थीम ‘महापूजा-ए-महानायक’ रखी। इस पंडाल में उत्तम कुमार के बचपन और किशोरावस्था से जुड़ी यादों को खास जगह दी गई। बताया जाता है कि अभिनेता ने अपने बचपन का काफी समय इसी मैदान में खेलते हुए बिताया था, जहां अब दुर्गा पूजा का आयोजन होता है।

पंडाल में उनके निजी फोटो एलबम से ली गई कई दुर्लभ पारिवारिक तस्वीरें प्रदर्शित की गईं। इनमें बचपन की तस्वीरों के साथ पत्नी गौरी देवी और अपनी पोती नबमिता को गोद में लिए उत्तम कुमार की तस्वीर भी शामिल है। आयोजकों के अनुसार, कुछ तस्वीरें ऐसी हैं, जो इंटरनेट पर डिजिटल रूप में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।

बालीगंज में पुराने सिनेमाघर का एहसास

Special #PujaPandal celebrating 100 years of #uttamkumarbirthanniversary #durgapuja #JaiMaaDurga #jaimahakal #UttamKumar #Kolkata #FestiveVibes https://t.co/54t2whOrxy

— Ranjana Sengupta (@ranjana_tweets) October 19, 2026

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बालीगंज के लेक व्यू रोड स्थित समाज सेवी संघ ने उत्तम कुमार के सिनेमाई दौर को अपनी पूजा की थीम बनाया। यहां पंडाल को पुराने सिनेमाघर का रूप दिया गया, जिसमें 1960 और 1970 के दशक की झलक देखने को मिली। इन दशकों को अभिनेता के करियर के महत्वपूर्ण दौर के रूप में याद किया जाता है।

पंडाल में उनकी फिल्मों के पुराने पोस्टर, लॉबी कार्ड, लोकप्रिय गीत और चर्चित संवाद प्रदर्शित किए गए। इस सजावट के जरिए दर्शकों को उस दौर की फिल्म संस्कृति का अनुभव कराने की कोशिश की गई, जब उत्तम कुमार बांग्ला सिनेमा के सबसे लोकप्रिय चेहरों में गिने जाते थे।

202 फिल्मों में से 201 के पोस्टरों से सजा पंडाल

करुणामयी एफ ब्लॉक सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति ने महानायक को फिल्मी पोस्टरों के माध्यम से श्रद्धांजलि दी। इस थीम को तैयार करने में आयोजकों को करीब एक साल का समय लगा। समिति के मुताबिक, सजावट की योजना और तैयारी में स्थानीय आयोजकों ने खुद मेहनत की।

पंडाल में उत्तम कुमार की 202 फिल्मों में से 201 फिल्मों के पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों को कालक्रम के अनुसार एक गलियारे में सजाया गया, जिससे दर्शक उनके फिल्मी सफर को क्रमवार देख सकें। गलियारे में भवानीपुर स्थित उनके पैतृक घर का पता भी प्रदर्शित किया गया है।

नाकतला में फिल्मों के दृश्य और गीत बनेंगे आकर्षण

नाकतला नब पल्ली दुर्गा पूजा में भी उत्तम कुमार की यादों को खास अंदाज में पेश किया गया। पंडाल तक जाने वाले मुख्य रास्ते के दोनों ओर लगाए गए बड़े बैनरों पर अभिनेता की तस्वीरों और उनकी फिल्मों के दृश्यों को जगह दी गई।

आयोजन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उनकी लोकप्रिय फिल्म ‘मौचाक’ का मंचीय रूपांतरण और फिल्मों के मशहूर गीतों की मेडली भी शामिल है। इससे पूजा में आने वाले लोगों को अभिनेता के अभिनय के साथ-साथ उनके संगीत से जुड़े फिल्मी सफर की झलक भी मिलेगी।

नई पीढ़ी तक पहुंचेगी महानायक की विरासत

उत्तम कुमार को समर्पित इन पूजा आयोजनों में मनोरंजन के साथ इतिहास और संस्कृति का भी मेल दिखाई देता है। दुर्लभ पारिवारिक तस्वीरें उनकी निजी जिंदगी की झलक दिखाती हैं, जबकि फिल्मी पोस्टर, संवाद और गीत उनके लंबे सिनेमाई सफर को याद दिलाते हैं।

दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच इस तरह की थीम बांग्ला सिनेमा की विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं। कोलकाता के इन पंडालों में देवी दुर्गा की आराधना के साथ बंगाल के लोकप्रिय सांस्कृतिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय को भी सम्मान दिया जा रहा है।