ईडन गार्डन्स में दुर्गा पूजा का भव्य आगाज, शुभेंदु अधिकारी ने किया बड़ा ऐलान...

Durga Puja 2026:  कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में महालया के अवसर पर दुर्गा पूजा का भव्य सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में इस बार 12,400 नई दुर्गा पूजा समितियों को अनुमति दी गई है और उन्हें भी सरकारी अनुदान दिया जाएगा.
 

Kolkata Durga Puja 2026:   पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के आगाज के साथ ही उत्सव का माहौल बनने लगा है। महालया के अवसर पर शनिवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में भव्य सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान ड्रोन शो, पारंपरिक ढाक वादन, शंख ध्वनि और संगीत प्रस्तुतियों के जरिए बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और दुर्गा पूजा की परंपराओं को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, राज्य सरकार के कई मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और टॉलीवुड की हस्तियां शामिल हुईं।

समारोह का प्रमुख आकर्षण आसमान में हजारों ड्रोन की मदद से मां दुर्गा और कमल की आकृतियां बनाना रहा। लाइट एंड साउंड शो के जरिए महालया के पारंपरिक रेडियो प्रसारण से लेकर दशमी के सिंदूर खेला तक दुर्गा पूजा की विभिन्न परंपराओं को दर्शाया गया।

3000 ढाकियों और 1000 महिलाओं की प्रस्तुति बनी आकर्षण

ईडन गार्डन्स में आयोजित इस समारोह में बंगाल की लोककलाओं और पारंपरिक संगीत को विशेष स्थान दिया गया। करीब 3000 ढाकियों ने एक साथ ढाक बजाकर माहौल को उत्सवमय बना दिया। वहीं, शंख बजाने और उल्लूध्वनि करने वाली 1000 महिलाओं ने भी सामूहिक प्रस्तुति दी।

आयोजन के दौरान इन प्रस्तुतियों को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई। संगीत कार्यक्रम में लोकप्रिय गायक शान, कौशिकी चक्रवर्ती और लग्नजीता चक्रवर्ती सहित कई कलाकारों ने हिस्सा लिया। संगीतकार शांतनु मोइत्रा समेत अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समारोह की भव्यता बढ़ाई।

धार्मिक परंपराओं और बंगाल की संस्कृति पर जोर

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा बंगाल का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है। उन्होंने इस बार पूजा की धार्मिक महत्ता और पारंपरिक अनुष्ठानों को प्रमुखता देने की बात कही। समारोह में बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और पारंपरिक हिंदू पंचांग के अनुसार धार्मिक कार्यक्रमों पर जोर देने का संदेश भी दिया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार राज्य में 12,400 नई दुर्गा पूजा समितियों को अनुमति दी गई है। इन समितियों के लिए भी आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है। सरकार का उद्देश्य पूजा के आयोजन को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करना और ग्रामीण क्षेत्रों तक उत्सव की सुविधाएं पहुंचाना है।

200 से अधिक पूजा समितियों ने अनुदान लेने से किया इनकार

मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य की 200 से अधिक दुर्गा पूजा समितियों ने सरकारी अनुदान नहीं लेने पर सहमति जताई है। उन्होंने इन समितियों से मिलने वाली राशि को ग्रामीण क्षेत्रों और महिला संचालित पूजा समितियों को देने की अपील की।

राज्य सरकार प्रत्येक पूजा समिति को एक लाख रुपये का अनुदान दे रही है। इसका वितरण रविवार से शुरू होने की जानकारी दी गई। पिछले साल पश्चिम बंगाल में करीब 45,000 दुर्गा पूजा आयोजित होने का उल्लेख भी किया गया।

इसके अलावा, सरकार ने पूजा समितियों के लिए बिजली शुल्क और अग्निशमन विभाग की अनुमति संबंधी फीस माफ करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों से 24 अक्टूबर तक प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की।

कोलकाता के अलावा दूसरे शहरों में भी होंगे कार्यक्रम

दुर्गा पूजा के उत्सव को राज्य के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने कई शहरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। दुर्गापुर, बिष्णुपुर, सिलीगुड़ी, कूचबिहार, मालदा, बहरामपुर और दीघा में भी कार्यक्रम होंगे।

इन आयोजनों के जरिए बंगाल की लोकसंस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी। महालया के साथ ही राज्यभर में दुर्गा पूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं और पूजा पंडालों में उत्सव का माहौल बनने लगा है।

राज्यपाल आरएन रवि का बयान, पिछली सरकारों पर साधा निशाना

समारोह के दौरान पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने भी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल कभी देश के विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी रहा था और स्वतंत्रता संग्राम में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। हालांकि, बाद के वर्षों में राज्य की स्थिति कमजोर होती चली गई।

राज्यपाल ने पिछली सरकारों के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मां दुर्गा की पूजा से परहेज करने वाली सरकारों के दौरान बंगाल विभिन्न क्षेत्रों में दूसरे राज्यों से पिछड़ गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राज्य अपना पुराना गौरव वापस हासिल करेगा।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि लोग राज्य में निवेश करने की इच्छा के साथ उनसे संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने इसे बंगाल के लिए सकारात्मक संकेत बताया।

महालया के साथ शुरू हुआ दुर्गा पूजा का उत्सवी माहौल

महालया को मां दुर्गा के आगमन का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही बंगाल में दुर्गा पूजा की तैयारियां अपने चरम की ओर बढ़ने लगती हैं। ईडन गार्डन्स में आयोजित भव्य समारोह ने धार्मिक आस्था, पारंपरिक संगीत और आधुनिक तकनीक का संगम प्रस्तुत किया।

ड्रोन शो, सामूहिक ढाक वादन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम ने दुर्गा पूजा के उत्सव को एक भव्य शुरुआत दी। अब राज्यभर में पूजा पंडालों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।