नहीं रहे 8 बार के विधायक रामगोविंद चौधरी, 82 की उम्र में निधन; छात्र राजनीति से शुरू हुआ था लंबा सफर
UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी का शुक्रवार रात लखनऊ के पीजीआई में निधन हो गया। वह 82 वर्ष के थे। लंबे राजनीतिक सफर में वह आठ बार विधायक, तीन बार प्रदेश सरकार में मंत्री और एक बार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
पीजीआई में चल रहा था इलाज
रामगोविंद चौधरी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे और उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के पीजीआई में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के निदेशक डॉ. आरके धीमान ने उनके निधन की पुष्टि की थी। वह संस्थान के पोस्टऑपरेटिव आईसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में थे।
उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार, समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों के बीच शोक का माहौल बन गया।
अखिलेश यादव ने जताया दुख
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रामगोविंद चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें समाजवादी आंदोलन की पुरानी पीढ़ी का नेता बताया। उन्होंने कहा कि चौधरी ने अपना पूरा राजनीतिक जीवन समाजवादी आंदोलन को दिया और कई वरिष्ठ नेताओं के साथ काम किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनके निधन से समाजवादी आंदोलन और समाजवादी पार्टी को क्षति हुई है। उन्होंने इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही।
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी रामगोविंद चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके राजनीतिक योगदान को याद किया।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
रामगोविंद चौधरी का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ था। वह बलिया के टीडी कॉलेज की छात्र राजनीति में सक्रिय रहे और बाद में छात्रसंघ के पदाधिकारी बने। यहीं से उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी पहचान बनानी शुरू की।
इसके बाद 1977 में चिलकहर विधानसभा सीट से जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए। इस सीट से वह कई बार विधानसभा पहुंचे। बाद के वर्षों में बांसडीह विधानसभा क्षेत्र भी उनकी राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा।
आठ बार विधानसभा पहुंचे
रामगोविंद चौधरी ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में कुल आठ बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया। चिलकहर से कई बार विधायक बनने के बाद उन्होंने बांसडीह सीट से भी चुनाव जीता।
वर्ष 2002, 2012 और 2017 में वह बांसडीह से विधायक चुने गए। वर्ष 2017 के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिली।
तीन सरकारों में संभाली मंत्री की जिम्मेदारी
रामगोविंद चौधरी ने अलग-अलग दौर में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में भी काम किया। वर्ष 1990 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में उन्हें उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की जिम्मेदारी मिली।
इसके बाद 2003 में उन्होंने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग संभाला। अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2012 से 2017 तक वह बेसिक शिक्षा और बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री रहे।
समाजवादी आंदोलन की पुरानी पीढ़ी के नेता
रामगोविंद चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन में समाजवादी विचारधारा से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं के साथ काम किया। अखिलेश यादव ने अपने शोक संदेश में उनके जेपी, चंद्रशेखर, जनेश्वर मिश्र और मुलायम सिंह यादव जैसे नेताओं के साथ काम करने का उल्लेख किया।
उनके निधन के बाद सपा नेताओं के साथ-साथ अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।