यूपी में 11 MLC सीटों पर चुनाव का ऐलान, BJP की 6 सीटों पर फंसा पेंच; सपा ने सभी उम्मीदवार उतारे

 

UP News: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के साथ अब विधान परिषद की 11 सीटों पर भी चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही शिक्षक और स्नातक कोटे की इन सीटों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी सभी 11 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है, जबकि भाजपा ने अभी पांच सीटों पर ही उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। बाकी छह सीटों को लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है।

23 अक्टूबर को होगी वोटिंग

विधान परिषद की इन 11 सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी।

उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इन सीटों पर निर्वाचित मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।

छह सीटों पर भाजपा को करना है फैसला

भाजपा ने मई में 11 में से पांच सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया था। पार्टी ने इन सीटों पर मौजूदा एमएलसी को ही दोबारा मैदान में उतारा है। घोषित नामों में लखनऊ-सीतापुर स्नातक सीट से अवनीश कुमार सिंह, लखनऊ-सीतापुर शिक्षक सीट से उमेश द्विवेदी, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट से हरि सिंह ढिल्लो, आगरा स्नातक सीट से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह और मेरठ-सहारनपुर शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा शामिल हैं।

अब गोरखपुर शिक्षक, इलाहाबाद-झांसी स्नातक, वाराणसी शिक्षक, वाराणसी स्नातक, आगरा शिक्षक और मेरठ स्नातक सीटों पर भाजपा को प्रत्याशी तय करने हैं। पार्टी के भीतर इन सीटों के लिए कई नामों पर विचार चल रहा है।

इन नामों की दावेदारी की चर्चा

गोरखपुर शिक्षक सीट से मौजूदा एमएलसी रहे ध्रुव कुमार त्रिपाठी के भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की चर्चा है। वहीं इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मा गुट के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके सुरेश त्रिपाठी का नाम भी संभावित दावेदारों में बताया जा रहा है। सुरेश त्रिपाठी ने हाल में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है।

आगरा स्नातक सीट पर पिछला चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीतने वाले डॉ. आकाश अग्रवाल भी भाजपा के टिकट के दावेदार बताए जा रहे हैं। कर्मचारी नेता हरिकिशोर तिवारी और एटा के राहुल गुप्ता का नाम भी दावेदारों में सामने आया है। इन नामों पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है।

किन 11 सीटों पर होना है चुनाव?

चुनाव होने वाली सीटों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी की पांच स्नातक सीटें शामिल हैं। शिक्षक कोटे में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद सीटों पर चुनाव होगा।

इन सीटों पर कार्यकाल पूरा करने वाले सदस्यों में अवनीश कुमार सिंह, आशुतोष सिन्हा, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, दिनेश कुमार गोयल, डॉ. मान सिंह यादव, उमेश द्विवेदी, लाल बिहारी यादव, डॉ. आकाश अग्रवाल, श्रीचंद शर्मा, हरि सिंह ढिल्लो और ध्रुव कुमार त्रिपाठी शामिल हैं।

राज्यसभा के साथ MLC चुनाव ने बढ़ाई सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के दौरान राज्यसभा और विधान परिषद, दोनों के चुनाव होने हैं। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि इसके एक सप्ताह बाद 23 अक्टूबर को विधान परिषद की 11 सीटों पर वोटिंग होगी। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले दोनों चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं।

विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों पर भाजपा की बाकी छह सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा अब चुनावी प्रक्रिया का अगला बड़ा पड़ाव होगी। वहीं सपा पहले ही सभी 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।