भुवनेश्वर में इंजीनियरों का महासंगम: इंडेफ की राष्ट्रीय बैठक में गूंजी ‘एक समान सेवा शर्त’ की मांग, नई कार्यकारिणी का गठन
यह अहम बैठक इंजीनियरिंग सेवाओं से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों, सेवा शर्तों में असमानता और पेशेवर पहचान जैसे विषयों पर केंद्रित रही। प्रतिनिधियों ने एक स्वर में मांग उठाई कि देशभर के अभियंताओं के लिए अन्य अखिल भारतीय सेवाओं की तर्ज पर एक समान सेवा शर्त लागू की जाए।
बैठक के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि इंजीनियरिंग विभागों का नेतृत्व नौकरशाहों के बजाय पेशेवर अभियंताओं के हाथों में होना चाहिए, ताकि राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका और प्रभाव को मजबूती मिल सके।
नई कार्यकारिणी का गठन
बैठक में 2026-28 सत्र के लिए नई कार्यकारिणी का चुनाव भी संपन्न हुआ। इसमें:
• अध्यक्ष पद पर ओडिशा के ई. अबिनाश राउल चुने गए
• सेक्रेटरी जनरल के रूप में उत्तर प्रदेश के ई. आशीष यादव निर्वाचित हुए
• बिहार से ई. राकेश कुमार को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई
इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों से कई अभियंताओं को अलग-अलग पदों पर चुना गया, जिससे संगठन की राष्ट्रीय संरचना और मजबूत हुई।
प्रमुख मुद्दों पर गंभीर चर्चा
बैठक में अभियंताओं ने कई महत्वपूर्ण चुनौतियों को उठाया, जिनमें शामिल हैं:
• सेवा शर्तों में राज्यों के बीच असमानता
• सीमित पेशेवर पहचान
• कैडर प्रबंधन की समस्याएं
• करियर विकास में प्रशासनिक बाधाएं
साथ ही यह मांग भी उठी कि नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में अभियंताओं को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
‘इंजीनियरिंग आयोग’ की मांग
बैठक के अंत में फेडरल काउंसिल ने भारत सरकार से देश स्तर पर ‘इंजीनियरिंग आयोग’ के गठन का प्रस्ताव पारित किया, ताकि अभियंताओं से जुड़े मुद्दों का समग्र समाधान किया जा सके।
धन्यवाद और भविष्य की उम्मीद
इंडेफ के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष ई. राकेश कुमार ने आयोजन की सफल मेजबानी के लिए ओडिशा इंजीनियर्स एसोसिएशन का आभार जताया और नई कार्यकारिणी के सफल कार्यकाल की कामना की।
भुवनेश्वर में आयोजित यह बैठक न सिर्फ अभियंताओं की एकजुटता का प्रतीक बनी, बल्कि देश में इंजीनियरिंग सेवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का मजबूत मंच भी साबित हुई।