अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर Fire Department का एक्शन, खाली करने का नोटिस जारी
Kolkata News: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शुक्रवार को कोर्ट की अनुमति के बाद विदेश यात्रा के लिए रवाना हुए। इसी दिन कोलकाता के कामाक स्ट्रीट स्थित उनके कार्यालय से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया। अग्निशमन विभाग ने आग से सुरक्षा के इंतजामों में कथित कमियों का हवाला देते हुए इमारत के कुछ हिस्सों को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया है।
राज्य अग्निशमन विभाग के प्रभारी निदेशक की ओर से शुक्रवार को दो अलग-अलग नोटिस जारी किए गए। नोटिस में 9, अबनिंद्रनाथ टैगोर सरणी (कामाक स्ट्रीट) स्थित ऊंची इमारत के बेसमेंट और छठी-सातवीं मंजिल को तुरंत खाली करने का आदेश दिया गया है।
फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर विभाग ने जताई चिंता
अग्निशमन विभाग के मुताबिक, इमारत में आग से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। विभाग ने यह भी बताया कि संबंधित फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता समाप्त हो चुकी है।
बताया गया कि 10 अगस्त 2023 को जारी किया गया फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट तीन साल के लिए वैध था। हालांकि, इसकी अवधि समाप्त होने से पहले इसे रिन्यू नहीं कराया गया।
विभाग ने इस मामले में सुनवाई के लिए 1 सितंबर को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान बेसमेंट वाले हिस्से के मालिक उपस्थित नहीं हुए, जबकि छठी और सातवीं मंजिल से जुड़े प्रतिनिधियों ने लीज से संबंधित दस्तावेज जमा कर अपना पक्ष रखा।
मालिकों पर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी
मामले की समीक्षा के बाद अग्निशमन विभाग ने कहा कि इमारत में आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की कानूनी जिम्मेदारी संबंधित मालिकों की है।
विभाग के निरीक्षण में कथित तौर पर पाया गया कि सुरक्षा इंतजामों के उचित रखरखाव के अभाव में परिसर की स्थिति खतरनाक है। विभाग ने इसे वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम बताया।
इसी आधार पर बेसमेंट और संबंधित मंजिलों को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस के मुताबिक, नया फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी होने तक इन परिसरों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
बिलबोर्ड विवाद के बाद बढ़ी थी हलचल
कामाक स्ट्रीट स्थित इसी कार्यालय को लेकर कुछ दिन पहले बिलबोर्ड हटाने के मुद्दे पर भी विवाद हुआ था। इस दौरान कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। मामला बाद में अदालत तक पहुंचा।
इसके बाद अग्निशमन विभाग की टीम ने इमारत का अचानक निरीक्षण किया। विभाग की टीम ने फायर सेफ्टी ऑडिट के लिए परिसर का दौरा किया था। इसके बाद अब कार्यालय से जुड़े कुछ हिस्सों को खाली करने का निर्देश जारी किया गया है।
कुणाल घोष ने उठाए कार्रवाई के समय पर सवाल
अग्निशमन विभाग के इस कदम पर तृणमूल कांग्रेस नेता और बेलेघाटा के विधायक कुणाल घोष ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वह संबंधित इमारत या उसके अलग-अलग फ्लोर की कानूनी स्थिति पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि उनके पास इसकी पूरी जानकारी नहीं है।
हालांकि, कुणाल घोष ने कार्रवाई के समय और घटनाओं के क्रम को लेकर संदेह जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कई जगहों पर फायर सेफ्टी ऑडिट की जरूरत है, लेकिन खास तौर पर कामाक स्ट्रीट स्थित इस परिसर को निशाना बनाया जा रहा है।
कुणाल घोष का दावा है कि चूंकि इस स्थान पर तृणमूल कांग्रेस का आईटी कार्यालय है, इसलिए इसे राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की अन्य इमारतों में भी तत्काल फायर ऑडिट किया जाना चाहिए।
'घटनाओं का क्रम कई सवाल खड़े करता है'
कुणाल घोष ने कहा कि उन्हें संबंधित बिल्डिंग या फ्लोर से जुड़े तकनीकी और कानूनी पहलुओं की पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए वह उस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। हालांकि, उन्होंने घटनाओं के क्रम को लेकर सवाल उठाए।
उनके मुताबिक, पहले बिलबोर्ड हटाने की कार्रवाई हुई, इसके बाद अभिषेक बनर्जी की तस्वीर फाड़े जाने की घटना सामने आई और फिर तोड़फोड़ का मामला हुआ। इसके बाद फायर सेफ्टी ऑडिट और खाली करने का निर्देश सामने आया।
कुणाल घोष ने इन घटनाओं को जोड़ते हुए आरोप लगाया कि पूरा घटनाक्रम किसी खास व्यक्ति और पार्टी को निशाना बनाने की मुहिम की ओर इशारा करता है।
हालांकि, अग्निशमन विभाग की ओर से जारी नोटिस में परिसर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट से जुड़े कारणों का हवाला दिया गया है। कार्रवाई के पीछे राजनीतिक मकसद होने का आरोप तृणमूल नेता की ओर से लगाया गया है।