बरसात की नीलगंज पुलिस चौकी में जब्त पटाखों में धमाका, तेज विस्फोट से दहला पूरा इलाका
Kolkata: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बरसात स्थित नीलगंज पुलिस चौकी में मंगलवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चौकी में रखे गए जब्त पटाखों में अचानक आग लग गई. आग लगते ही एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई. विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग नींद से जाग गए और घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में पूरा इलाका धुएं से भर गया.
सुबह 7 बजे के आसपास गूंजे धमाके
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब सात बजे जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी. शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि विस्फोट कहां हुआ है. बाद में पता चला कि धमाके नीलगंज पुलिस चौकी परिसर से हो रहे थे, जहां कुछ दिन पहले जब्त किए गए पटाखे रखे गए थे.
जब्त पटाखों में अचानक लगी आग
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दो-तीन दिन पहले इलाके से बड़ी मात्रा में अवैध पटाखे बरामद किए गए थे। इन्हें नीलगंज पुलिस चौकी में ही सुरक्षित रखा गया था. मंगलवार तड़के अज्ञात कारणों से इन पटाखों में आग लग गई, जिसके बाद लगातार विस्फोट होने लगे. सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
कोई हताहत नहीं, लेकिन उठे सुरक्षा पर सवाल
राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. हालांकि, घटना के बाद यह सवाल उठने लगा है कि जब्त किए गए विस्फोटक पदार्थों को घनी आबादी वाले इलाके में स्थित पुलिस चौकी में क्यों रखा गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग और विस्फोट का दायरा बढ़ता, तो बड़ा हादसा हो सकता था.
दत्तापुकुर हादसे की याद हुई ताजा
इस घटना ने अगस्त 2023 के दत्तापुकुर पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की याद भी ताजा कर दी, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी. उस हादसे के बाद नीलगंज पुलिस चौकी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे और तत्कालीन चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया था.
अवैध पटाखा कारोबार पर फिर उठे सवाल
ताजा विस्फोट के बाद एक बार फिर इलाके में अवैध पटाखा कारोबार को लेकर बहस शुरू हो गई है. विपक्ष का आरोप है कि राज्य में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं. वहीं, पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई.