बंगाल विधानसभा के इतिहास में पहली बार किसी मार्शल को किया गया निलंबित, जानें पूरा मामला
Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा के इतिहास में पहली बार किसी मार्शल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है. विधानसभा मार्शल देबब्रता मुखर्जी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उन पर विधायकों के साथ अनुचित व्यवहार और आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान गैर-जिम्मेदाराना आचरण करने के आरोप लगे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा सचिवालय ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं.
विधानसभा सचिवालय ने जारी किया निलंबन आदेश
मंगलवार को विधानसभा सचिवालय की ओर से देबब्रता मुखर्जी के निलंबन का लिखित आदेश जारी किया गया. विधानसभा के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी पदस्थ मार्शल के खिलाफ इस प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है. सूत्रों के अनुसार, उनके व्यवहार को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह फैसला लिया गया.
विधायकों से दुर्व्यवहार का आरोप
विधानसभा सूत्रों के मुताबिक, देबब्रता मुखर्जी के खिलाफ कई विधायकों ने शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप है कि उन्होंने विभिन्न अवसरों पर जनप्रतिनिधियों के साथ अनुचित और असम्मानजनक व्यवहार किया, जिससे सदन की गरिमा प्रभावित हुई. इन्हीं शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई.
ओरिएंटेशन कैंप में भी कथित गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार
बताया जा रहा है कि हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में विधानसभा सदस्यों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन (प्रशिक्षण) कार्यक्रम के दौरान भी देबब्रता मुखर्जी का व्यवहार विवादों में रहा. आरोप है कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान भी गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया, जिसे गंभीरता से लिया गया.
विभागीय जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस और विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, देबब्रता मुखर्जी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की अनुशासनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा. यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सेवा नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.
विधानसभा के इतिहास में पहली बार हुई ऐसी कार्रवाई
पश्चिम बंगाल विधानसभा के इतिहास में किसी मार्शल को निलंबित किए जाने का यह पहला मामला माना जा रहा है. इस कार्रवाई ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है. अब सभी की नजर विभागीय जांच की रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर इस मामले में अंतिम फैसला लिया जाएगा.