पूर्व DGP विक्रम सिंह का बड़ा बयान! ध्रुव राठी पर कार्रवाई की मांग...रासुका लगेगी? जानिए पूरा मामला
UP: यूट्यूबर ध्रुव राठी के सेना और पुलिस को लेकर दिए गए कथित बयान पर विवाद गहरा गया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) डॉ. विक्रम सिंह ने ध्रुव राठी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), यानी रासुका के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। पूर्व डीजीपी ने बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे गंभीर मामला बताया है। हालांकि, NSA के तहत कार्रवाई की मांग अभी पूर्व डीजीपी की ओर से की गई है; कार्रवाई होने की पुष्टि नहीं है।
SIR प्रदर्शन के बाद इंटरव्यू को लेकर विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, ध्रुव राठी हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने एक यूट्यूबर पत्रकार को इंटरव्यू दिया। इसी बातचीत में पुलिस और सेना की भूमिका को लेकर की गई उनकी कथित टिप्पणी चर्चा में आ गई।
डॉ. विक्रम सिंह ने इस टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए सरकार से मामले की जांच कराने और कानूनी कार्रवाई पर विचार करने की मांग की है।
पूर्व DGP ने ध्रुव राठी को लेकर क्या कहा?
पूर्व डीजीपी डॉ. विक्रम सिंह ने ध्रुव राठी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘देशद्रोही’ करार दिया और रासुका के तहत कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस और सेना के जवानों को सरकार के खिलाफ एकजुट होने की बात कहना गंभीर विषय है।
डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि जर्मनी में रहने वाले ध्रुव राठी के बयान युवाओं को प्रभावित कर सकते हैं। उनके मुताबिक, देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े संस्थानों को लेकर दिए गए ऐसे बयानों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
IPC की धारा 131 और BNS की धारा 159 का किया जिक्र
डॉ. विक्रम सिंह ने अपने बयान में पुलिस और सेना से जुड़े कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए सवाल उठाए। उन्होंने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 131 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 159 का जिक्र किया और कहा कि सशस्त्र बलों के सदस्यों को विद्रोह के लिए उकसाने जैसे मामलों में गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।
हालांकि, किसी बयान पर कौन-सा कानूनी प्रावधान लागू होगा, यह उसकी वास्तविक सामग्री, संदर्भ और जांच के तथ्यों पर निर्भर करता है। केवल आरोप या कार्रवाई की मांग से किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध साबित नहीं होता।
बॉलीवुड कलाकारों का भी किया जिक्र
पूर्व डीजीपी ने अपनी प्रतिक्रिया में बॉलीवुड के कलाकारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कलाकारों की गतिविधियां उनका निजी विषय हो सकती हैं, लेकिन पुलिस और सेना जैसे संस्थानों से जुड़े मामलों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि ऐसे बयानों की जांच होनी चाहिए, जिनसे सुरक्षा संस्थानों के कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रभावित करने का आरोप लगाया जा रहा हो।
इंटरव्यू में ध्रुव राठी ने एकजुटता को बताया ताकत
बताया जा रहा है कि इंटरव्यू के दौरान ध्रुव राठी ने कथित तौर पर कहा कि यदि पुलिसकर्मी एक साथ अपनी आवाज उठाएं, तो सरकार के सामने मुश्किल स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने सेना के जवानों का उदाहरण देते हुए एकजुटता की ताकत पर भी बात की।
राठी की टिप्पणी को लेकर ही पूर्व डीजीपी डॉ. विक्रम सिंह ने आपत्ति जताई है। इस पूरे मामले में फिलहाल विवाद का केंद्र इंटरव्यू में कही गई बातों की व्याख्या और उनके संभावित कानूनी परिणाम हैं।
क्या ध्रुव राठी पर NSA के तहत कार्रवाई होगी?
ध्रुव राठी के खिलाफ NSA लगाने की मांग के बाद यह मामला चर्चा में है। हालांकि, रासुका के तहत कार्रवाई की मांग और वास्तव में कार्रवाई होना दो अलग-अलग बातें हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह पुष्टि नहीं है कि ध्रुव राठी के खिलाफ NSA लगाया गया है या उनके विरुद्ध इस आधार पर कोई आधिकारिक कार्रवाई शुरू हुई है।
मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है, यह संबंधित अधिकारियों के निर्णय और उपलब्ध तथ्यों पर निर्भर करेगा।