87 इंटरसेप्टर से 14 लाख कैमरों तक… योगी ने गिनाए यूपी पुलिस में बदलाव, बोले- सुरक्षा के बिना विकास की कल्पना नहीं
UP News: उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के कामकाज का ब्योरा सामने रखा। लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 87 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सुधार के साथ तकनीक को जोड़ना भी जरूरी है। उनके मुताबिक, प्रदेश के शहरों में 14 लाख से ज्यादा कैमरे लगाए जा चुके हैं और जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल अपराध की रोकथाम के साथ घटनाओं के खुलासे में भी किया जा रहा है।
2017 से पहले की स्थिति का किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश के कई हिस्सों में कुख्यात माफिया का प्रभाव था और पुलिस उनके सामने कमजोर नजर आती थी। उन्होंने कहा कि अपराध, सांप्रदायिक हिंसा और पुलिस के लिए पर्याप्त संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियां मौजूद थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में पुलिस के पास प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे से जुड़े संसाधन भी सीमित थे। उन्होंने दावा किया कि पहले हर साल करीब छह हजार पुलिसकर्मियों को ही प्रशिक्षण दिया जा पाता था। बाद में पुलिस के प्रशिक्षण और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर काम किया गया।
योगी ने यह भी कहा कि किसी भी सरकार के लिए मजबूत राजनीतिक नेतृत्व जरूरी है। उनके मुताबिक, अगर राजनीतिक नेतृत्व फैसले लेने की स्थिति में न हो तो कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से सुधारना मुश्किल हो जाता है।
माफिया के प्रभाव और पुराने हालात का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में अपराध और हिंसा की घटनाओं के कारण लंबे समय तक कर्फ्यू जैसी परिस्थितियां बनी रहती थीं। उन्होंने कोसीकलां, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर समेत कई जगहों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे हालात के बीच उत्तर प्रदेश को लंबे समय तक ‘बीमारू’ राज्यों में गिना जाता रहा। हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस स्थिति के लिए किसी राजनीतिक दल का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया।
87 इंटरसेप्टर वाहन पुलिस बेड़े में शामिल
कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को रवाना किया। इनमें चारपहिया और दोपहिया वाहन शामिल हैं। इन वाहनों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है और इनका इस्तेमाल ट्रैफिक निगरानी, सड़क सुरक्षा और पुलिस की त्वरित कार्रवाई को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
इसके साथ ही कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों का पदक अलंकरण भी हुआ। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट और वीरतापूर्ण सेवाओं के लिए पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया।
प्रकाश सिंह की किताब ‘संघर्ष’ का विमोचन
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रकाश सिंह के पुलिस सेवा के दौरान किए गए कार्यों और पुलिस सुधारों के लिए उनके प्रयासों का उल्लेख किया।
योगी ने कहा कि प्रकाश सिंह ने अपने सेवाकाल में कई चुनौतियों का सामना किया और बाद में विभिन्न संस्थानों में व्याख्यान के जरिए युवाओं को भी प्रेरित किया। उनके विचार अब पुस्तक के रूप में सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस सुधारों के लिए प्रकाश सिंह को सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ा था और उत्तर प्रदेश ने पुलिस सुधारों को लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं।
‘सुरक्षा होगी तो ही विकास पर होगा चिंतन’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज में सुरक्षित वातावरण के बिना स्वस्थ चिंतन और विकास की कल्पना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति चाहे किसी भी बड़े पद पर हो, सुरक्षा व्यवस्था के बिना उसकी स्थिति बदल सकती है।
उन्होंने यूपी पुलिस की थीम ‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प’ का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना भी है जिसमें आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें।
14 लाख कैमरों और कमांड सेंटर पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेफ सिटी’ की दिशा में प्रदेश के शहरों में 14 लाख से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। उनके मुताबिक, ये कैमरे अपराध की निगरानी, रोकथाम और घटनाओं की जांच में पुलिस के लिए मददगार साबित हो रहे हैं।
इसके अलावा जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इनके जरिए अलग-अलग तकनीकी संसाधनों और पुलिस व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय किया जा रहा है।
शहीद पुलिसकर्मी सुनील कुमार सिंह को किया याद
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (STF) के दिवंगत निरीक्षक सुनील कुमार सिंह की वीरता को भी याद किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने उनकी वीरता के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया है।
योगी ने कहा कि यह सम्मान उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए भी गौरव की बात है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस के आधुनिकीकरण, तकनीक के इस्तेमाल और जवानों की सेवाओं को सम्मान देने पर खास जोर दिखाई दिया।