कक्षा से संसद तक: युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ने का आह्वान, विधानसभा अध्यक्ष का बड़ा संदेश

 
New Delhi: राष्ट्रीय राजधानी में लोकतंत्र और शिक्षा के बीच मजबूत कड़ी जोड़ने की दिशा में एक खास पहल देखने को मिली, जब दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद कर उन्हें संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की गहराई समझने का संदेश दिया।

दिल्ली विश्वविद्यालय के भारती कॉलेज के छात्रों के साथ हुए इस संवाद कार्यक्रम में अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि देश का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि युवा अपने अधिकारों, कर्तव्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कितनी गंभीरता से समझते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह जागरूक नागरिक बनाने का माध्यम बननी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को विधानसभा का भ्रमण कराया गया, जहां उन्हें सदन के इतिहास, कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक परंपराओं से रूबरू कराया गया। साथ ही, विठ्ठलभाई पटेल के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई, जिससे विद्यार्थियों को भारत की संसदीय विरासत को समझने का अवसर मिला।

अध्यक्ष ने ऐतिहासिक संदर्भों का जिक्र करते हुए बताया कि भारत की आज़ादी की लड़ाई में विधानसभाओं की भूमिका बेहद अहम रही है। उन्होंने रॉलेट एक्ट और जलियांवाला बाग जैसी घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि इन घटनाओं ने लोकतांत्रिक चेतना को और मजबूत किया।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भी दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि यह नीति छात्रों में आलोचनात्मक सोच, बहु-विषयक ज्ञान और भारतीय परंपराओं के प्रति समझ विकसित करती है।

अंत में उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा ही देश की असली ताकत हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से ही लोकतंत्र मजबूत होगा।