गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज आज, किस शहर में कितने बजे होगा चांद का दीदार? देखें पूरी लिस्ट

Ganesh Chaturthi 2026 Moon Rise Time: 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज एक ही दिन मनाई जा रही है. शहर के अनुसार चंद्र दर्शन का समय अलग-अलग रहेगा. पटना में रात 7:40 बजे, रांची में 7:43 बजे, वाराणसी में 7:49 बजे, लखनऊ में 7:55 बजे और दिल्ली-नोएडा में करीब 8:02 बजे चांद दिखाई देने का समय बताया गया है.
 

Ganesh Chaturthi 2026 Moon Rise Time: इस साल गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज का व्रत एक ही दिन रखा जा रहा है। 14 सितंबर 2026 को दोनों पर्व होने के कारण व्रत रखने वाले लोगों के लिए चंद्र दर्शन का विशेष महत्व रहेगा। हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी के व्रत में चंद्रमा की पूजा और दर्शन से जुड़े अलग-अलग धार्मिक नियम बताए गए हैं। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि उनके शहर में चांद कितने बजे दिखाई देगा।

एक ही दिन क्यों मनाई जा रही गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज?

पंचांग के अनुसार, 14 सितंबर को सूर्योदय के बाद सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। सूर्योदय के समय तृतीया तिथि होने के कारण इसी दिन हरतालिका तीज का व्रत रखा जा रहा है।

वहीं, भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि को गणेश जी के जन्म से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म दोपहर के समय हुआ था। इसलिए चतुर्थी तिथि के दौरान गणेश चतुर्थी का व्रत और पूजन किया जाएगा।

14 सितंबर को आपके शहर में कितने बजे निकलेगा चांद?

गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज के दिन शहर के अनुसार चंद्रमा के उदय का समय अलग-अलग हो सकता है। जानिए प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय:

                              शहर                                                                           चांद निकलने का समय                                     
दिल्ली रात 8:02 बजे
नोएडा रात 8:02 बजे
पटना रात 7:40 बजे
मुंबई रात 8:41 बजे
लखनऊ रात 7:55 बजे
वाराणसी रात 7:49 बजे
गुरुग्राम रात 8:04 बजे
प्रयागराज रात 7:54 बजे
जयपुर रात 8:16 बजे
रांची रात 7:43 बजे

चंद्र दर्शन का वास्तविक समय स्थानीय क्षितिज, मौसम और स्थान के अनुसार थोड़ा अलग दिखाई दे सकता है।

गणेश चतुर्थी पर चांद देखना क्यों माना जाता है वर्जित?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करना वर्जित माना जाता है। पौराणिक कथा के मुताबिक, एक बार चंद्रमा ने भगवान गणेश का उपहास किया था। इससे भगवान गणेश नाराज हो गए और उन्होंने चंद्रमा को श्राप दिया।

इसी वजह से गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को लेकर विशेष धार्मिक मान्यता है। कहा जाता है कि इस दिन बिना किसी वस्तु के सीधे चंद्रमा को देखने से कलंक लगने का भय रहता है।

व्रत रखने वाले लोग कैसे करें चंद्र दर्शन?

मान्यता के अनुसार, जो लोग गणेश चतुर्थी का व्रत रखते हैं और चंद्रमा के दर्शन करना चाहते हैं, वे अपने हाथ में फल, दूध या दही जैसी वस्तु लेकर चंद्रमा का दर्शन कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इसे चंद्र दर्शन से जुड़े दोष से बचने का उपाय बताया गया है।

इसलिए गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करने से पहले अपने क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा-विधि और पंचांग के निर्देशों का पालन करना उचित माना जाता है।

हरतालिका तीज में चंद्र दर्शन का महत्व

हरतालिका तीज का व्रत मुख्य रूप से महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखती हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है।

इस साल हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन पड़ने के कारण चंद्र दर्शन को लेकर लोगों में विशेष उत्सुकता है। खासकर पटना, रांची, लखनऊ, वाराणसी, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में रहने वाले व्रती ऊपर दी गई समय-सारणी के अनुसार चंद्रमा के दर्शन कर सकते हैं।

जरूरी बात

चंद्र दर्शन और व्रत के नियम अलग-अलग परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं। इसलिए पूजा या व्रत का पारण करने से पहले स्थानीय पंचांग और अपने परिवार की धार्मिक परंपरा को प्राथमिकता दें।