₹1,669 से ₹3,100 तक पहुंची गैस की कीमत, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों के लिए मुश्किलें बढ़ीं, कंपनियों ने बताई वैश्विक वजह

Commercial LPG Price Hike: इंडियन ऑयल ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर के देशों से खरीदता है. मिडिल ईस्ट में हालात ठीक नहीं होने की वजह से दुनिया में तेल महंगा हो गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी में जहां तेल की कीमत करीब 69 डॉलर थी, वहीं अप्रैल में ये बढ़कर 116 डॉलर हो गई.
 

Commercial LPG Price Hike: इजरायल-ईरान के बीच युद्ध ने कच्चे तेल की कीमतों में आग लगा दी. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहां से दुनियाभर का 20% तेल आता और जाता है, ये रास्ता पूरी तरह से बंद है. नतीजन ग्लोबल मार्केट में पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. भारत की बात करें तो यहां कमर्शियल सिलिंडर की कीमतें 1,669 रुपये से बढ़कर 3,100 रुपये तक पहुंच चुकी हैं. 

क्या लकड़ी और केरोसिन पर निर्भर हो जाएगी आम जनता

1 मई की सुबह व्यापारियों के लिए किसी झटके से कम नहीं रही. पेट्रोलियम कंपनियों ने 19 किलो वाले गैस सिलेंडर के दाम सीधे 993 रुपये बढ़ा दिए. राजस्थान में जो सिलेंडर कल तक 2,106 रुपये का था, वो अब 3,099 रुपये में मिल रहा है. इस बढ़ोतरी के बाद जयपुर के दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलेंडर मिलना भी मुश्किल हो गया है और जो मिल रहा है, वो बहुत महंगा है. मिठाई और ढाबा चलाने वाले लोग कहते हैं कि वो एकदम से अपने खाने की कीमतें नहीं बढ़ा सकते. इसलिए उन्हें नुकसान हो रहा है. इस मजबूरी में कई दुकानदार अब गैस छोड़कर लकड़ी, केरोसिन और डीजल जैसे पुराने फ्यूल का इस्तेमाल कर रहे हैं.

सिलिंडर के बढ़ते दामों पर क्या कह रही कंपनियां

इंडियन ऑयल ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर के देशों से खरीदता है. मिडिल ईस्ट में हालात ठीक नहीं होने की वजह से दुनिया में तेल महंगा हो गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी में जहां तेल की कीमत करीब 69 डॉलर थी, वहीं अप्रैल में ये बढ़कर 116 डॉलर हो गई. मतलब बहुत कम समय में तेल का दामों में 68.84% का इजाफा हुआ है.अप्रैल 2026 में 28 तारीख तक कच्चा तेल करीब 114 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा. मार्च 2026 में भी इसकी कीमत करीब 113 डॉलर प्रति बैरल थी. मतलब दोनों महीनों में तेल के दाम आसमान पर बने रहे हैं. 

इंडियन ऑयल का कहना है कि देश में आम आदमी के लिए तेल की कीमतें जैसी की तैसी हैं, इसलिए इसका नागरिकों पर कोई असर नहीं पड़ा है. बड़े और कमर्शियल LPG सिलेंडर थोड़े महंगे हुए हैं, जिन्हें बहुत कम लोग इस्तेमाल करते हैं. विदेशी हवाई जहाजों में लगने वाला फ्यूल महंगा हुआ है. इसके अलावा 4% दूसरे पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स सस्ते भी हुए हैं. 

आम जनता को राहत

दामों में इस बढ़ोतरी के बीच राहत की खबर ये है कि घरेलू एलपीजी के की कीमतें नहीं बढ़ी हैं. आम जनता के लिए सिलेंडर अब भी 916.50 रुपये का मिल रहा है. इंडियन ऑयल के अनुसार सरकार की कंज्यूमर-सेंट्रिक पॉलिसी की वजह से 80%  पेट्रोल, डीजल, राशन का केरोसिन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.