Ghaziabad Blast: दशहरे से पहले रावण के पुतले में जोरदार धमाका, 5 घायल; दो सफदरजंग रेफर
Ghaziabad Blast: दशहरे से पहले गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित लाजपत नगर में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया. रामलीला के लिए रावण और कुंभकर्ण के पुतले तैयार किए जा रहे थे. इसी दौरान रावण के पुतले में दहन के लिए पटाखे भरते समय अचानक चिंगारी भड़की और धमाका हो गया. हादसे में 5 लोग घायल हुए हैं. घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से 2 लोगों को सफदरजंग और 3 को GTB अस्पताल रेफर किया गया.
Ghaziabad Blast: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दशहरे से पहले सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। साहिबाबाद थाना क्षेत्र के लाजपत नगर में रामलीला के लिए रावण और कुंभकर्ण के पुतले तैयार किए जा रहे थे। इसी दौरान रावण के पुतले में पटाखे भरते समय अचानक जोरदार धमाका हो गया। हादसे में पांच लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से दो को दिल्ली के सफदरजंग और तीन को जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया।
सुबह करीब 8:30 बजे हुआ धमाका
पुलिस के अनुसार घटना सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे शनि चौकी के पास स्थित सामुदायिक भवन में हुई। यहां दशहरे के लिए रावण और कुंभकर्ण के पुतले तैयार किए जा रहे थे। इसी दौरान रावण के पुतले में दहन के लिए पटाखे भरे जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि पटाखे भरने के दौरान अचानक चिंगारी भड़की और इसके बाद विस्फोट हो गया। धमाका होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए और घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
पिलखुवा के अनिल सिंह को मिला था पुतला बनाने का ठेका
एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि रामलीला के लिए पुतला तैयार करने का ठेका पिलखुवा निवासी अनिल सिंह को दिया गया था। उनके कारीगर और मजदूर सामुदायिक भवन में पुतले तैयार कर रहे थे।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद सामग्री की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और पटाखे भरते समय सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं।
पांच घायल, दो सफदरजंग और तीन GTB रेफर
धमाके के बाद सभी घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और तीन को GTB अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस के मुताबिक घायलों में कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि कुछ को मामूली चोटें आई हैं।
क्या पटाखों की फैक्ट्री चल रही थी?
हादसे के बाद यह सवाल भी उठने लगा कि क्या सामुदायिक भवन में पटाखों का निर्माण या कारोबार किया जा रहा था। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर इससे इनकार किया है।
एसीपी के मुताबिक वहां पटाखे बनाने या बेचने का काम नहीं हो रहा था। रावण के पुतले में दशहरे के दिन दहन के लिए पटाखे भरे जा रहे थे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि पटाखों को पुतले में भरने के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
पुलिस ने शुरू की जांच
धमाके के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर मौजूद सामग्री की जांच की जा रही है और आसपास के लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
दशहरे से ठीक पहले हुए इस हादसे ने पुतला निर्माण और उसमें पटाखे लगाए जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।