हमीम मंडल की नई साजिश का खुलासा, हनीट्रैप के जरिए खूबसूरत युवतियों का गैंग तैयार कर रहा था, STF जांच में बड़ा खुलासा

Kolkata: सोशल मीडिया पर सक्रिय युवतियों, उभरती मॉडल्स और ग्लैमर इंडस्ट्री से जुड़ी महिलाओं को कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा था. जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे कथित हैंडलर सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क स्थापित करते थे और मॉडलिंग, अभिनय तथा आर्थिक लाभ का लालच देकर उन्हें अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश करते थे.
 

Kolkata: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) कथित आतंकी और जासूसी नेटवर्क की जांच में लगातार नए खुलासे कर रही है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि पड़ोसी देश से संचालित नेटवर्क राज्य में हनीट्रैप के लिए युवतियों का एक संगठित नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा था. शुरुआती जांच के अनुसार, इस कथित साजिश का उद्देश्य राज्य के कुछ मंत्रियों और उनके परिजनों सहित प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाना था.

सोशल मीडिया के जरिए बनाई जा रही थी पहुंच

खुफिया सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर सक्रिय युवतियों, उभरती मॉडल्स और ग्लैमर इंडस्ट्री से जुड़ी महिलाओं को कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा था. जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे कथित हैंडलर सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क स्थापित करते थे और मॉडलिंग, अभिनय तथा आर्थिक लाभ का लालच देकर उन्हें अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश करते थे.

जांच के दौरान झारखंड की एक मॉडल का नाम भी सामने आया है. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसकी भूमिका क्या थी और क्या उसे किसी तरह के झांसे में लेकर इस नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया गया था.

ऑनलाइन ट्रेनिंग और पैसों का लालच

एसटीएफ की प्रारंभिक जांच के अनुसार, कथित एजेंट युवतियों को पहले सोशल मीडिया पर लक्षित लोगों से दोस्ती बढ़ाने और फिर धीरे-धीरे उनके करीब पहुंचने के निर्देश देते थे. इसके लिए उन्हें कथित तौर पर ऑनलाइन प्रशिक्षण और आर्थिक प्रलोभन भी दिया जाता था. जांच एजेंसियां इन दावों की पुष्टि के लिए डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं.

मंत्रियों और प्रभावशाली लोगों को बनाया गया कथित निशाना

जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कथित हनीट्रैप नेटवर्क के जरिए किन-किन मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों या अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हुए थे.

बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच

एसटीएफ गिरफ्तार संदिग्धों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि इन साक्ष्यों से कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली, फंडिंग और संपर्कों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है.

जांच जारी

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका पर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी